ग्वारपाठा की सब्जी - Aloe Vera subzi - Gwarpatha Ki Subzi

ग्वारपाठा पेट की बीमारियों के लिये और जोड़ों के दर्द के लिये बहुत फायदेमन्द है ही, ये शरीर में प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाता है. इससे हम लड्डू, हलवा तो बना ही सकते हैं लेकिन अभी प्रस्तुत है एलोवेरा सब्जी.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Aloevera Subzi
- एलोवीरा - 2 पत्तियां
- हींग - 1 पिंच
- जीरा - 1/2 छोटी चम्मच
- तेल - 1-2 टेबल स्पून
- हल्दी - 1/2 छोटी चम्मच
- धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- अमचूर - 1/2 छोटी चम्मच
- नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
- हरी मिर्च - 1 बारीक कटी हुई
विधि - How to make Gwarpatha Sabji
एलोवीरा को धोकर इसके दोंनो ओर से काटें काट कर हटा दीजिये, और अब इसके छोटे छोटे टुकड़े काट लीजिये.
एक बर्तन में 2 कप पानी डालकर उबलने के लिए रख दीजिए. पानी में ½ छोटी चम्मच नमक और थोडी़ सी हल्दी डाल दीजिए. पानी में उबाल आने पर इसमें एलोवीरा के टुकडे़ डाल दीजिए और 6-7 मिनिट के लिए उबलने दीजिये.
गैस बंद कर दीजिए और टुकड़ों को पानी से निकाल लीजिए. अब इन टुकड़ों को दो बार पानी से धो लीजिए (ऎसा करने से एलोवेरा का कड़वापन कम हो जाता है).

पैन में तेल डालकर गरम कर लीजिए, तेल गर्म होने पर इसमें जीरा, हींग, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और हरी मिर्च डालकर मसाले को धीमी आंच पर थोडा़ सा भून लीजिए. मसाले में एलोवीरा के टुकडे़ डालकर इसमें नमक, सौंफ पाउडर और अमचूर डाल दीजिए और लगातार चलाते हुए 3-4 मिनिट के लिए पका लीजिए.
सब्जी बनकर तैयार है, इसे किसी प्लेट में निकाल कर हरे धनिए के साथ गार्निश कीजिए, एलोवेरा सब्जी़ को आप फ्रिज में रखकर 4-5 दिन तक खा सकते हैं.
सुझाव: ये सब्जी साधारण सब्जी नहीं है, ये मेडिशनल सब्जी है, इसे खाने के साथ 4-5 टुकड़े यानि कि कम मात्रा में खाया जाता है, एलोवीरा को प्रिगनेन्ट महिला को न खिलायें, ये उनको नुकसान कर सकता है.
समय - 20 मिनट
कमेंट (59)
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निशा: बलविंदर जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रामदयाल जी, पानी को हटा देना है इसे हमने सूखा ही बनाया है.
निशा: ज्योती जी, ग्वारपाठा पेट की बीमारियों के लिये और जोड़ों के दर्द के लिये बहुत फायदेमन्द है ही, ये शरीर में प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाती है, और ये डायबेटिक लोंगों के लिये भी फायदेमन्द है.
2. आपके बहुत स्पष्टता से दिए गए रुचिप्रद व्यंजन विधियों के लिए आपको साधुवाद, कृपया ग्वार पाठा के अचार पर कुछ विशेष प्रकाश डालने की कृपा करें
निशा: सुरेन्द्र जी, ग्वार पाठा में खारापन तो होता ही है लेकिन कुछ प्रजातियां अधिक खारी होती हैं. आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
किस किस्म का एलोविरा को चुनें
निशा: हल्के रंग और चौड़ी पत्तियों वाला एलोवीरा अच्छा होता है.
निशा: सुनील जी, एलोवीरा को धोकर इसके दोंनो ओर से काटें काट कर हटा दीजिये, पूरा छिलका हटाने की जरूरत नही है.
निशा: राज बंश जी, थोड़ी न्यूट्रीशनल वेल्यू तो कम हो सकती है, उसे प्रोपर तरीके से पकायें, कुछ न्यूट्रीशनल वेल्यू एड भी जाती हैं, हम सारी हरी सब्जियों को पका कर ही खाते हैं
निशा: कुलदीप जी, इसमें हल्की सी महक होती ही है.
Can we add garlic and onion in sabzi?
निशा: गुप्ता जी, धन्यवाद. आप अपने स्वादानुसार रेसिपी में बदलाव कर सकते हैं.
निशा: चिरन्जीबी जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: धींगरा जी, धन्यवाद.
निशा: नम्रता जी, ग्वार पाठा की तासीर गरम होती है इसलिए प्रगनेन्ट महिला के लिये नुकसान पहुंचा सकता है.
निशा: अरविंद जी, एलोवीरा को धोकर इसके दोंनो ओर से काटें काट कर हटा दीजिये, और अब इसके छोटे छोटे टुकड़े काट कर इसे फ्राय करना है.
Pehle cheel lo, fir lehsun, pyaj, adrak, namak mirch ko ghee me fry karke, masala tyar krke aloevera ka gudda dal k thoda pani dal k achhe se pka lo. Sabji boht hi swadisht banti hai...
निशा: कन्नु जी, सुझाव के लिये धन्यवाद.
निशा: रीना जी, धन्यवाद.
निशा: रमेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सिया जी, एलोबीरा बहुत गरम होता है इसलिये प्रिगनेन्ट महिला को खाने के लिये मना होता है.
निशा: गनेश जी, 1-2 चम्मच खाने के साथ साइड डिश के रूप में परोस सकते हैं.
निशा: वाली जी, ये सब्जी 5-6 टुकड़े एक बार में खायें और दिन 2 बार सब्जी खा सकते हैं, एलोवीरा का जूस एक बार में 2 टेबल स्पून जूस लें दिन 1- 2 बार जूस ले सकते हैं.
निशा: दीपक जी, इसके दोनो ओर से कांटे काट कर हटा दीजिये, और अब इसके छोटे छोटे टुकड़े काट लीजिये.
निशा: इमरान जी, ये दर्द में फायदामन्द होता है, इसका रोजाना ताजा जूस निकाल कर, 2 टेबल स्पून ले सकते हैं कभी सब्जी भी खा सकते हैं, इसे यूज में लाते रहें.
निशा: अनमोल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: यशवन्त जी, बहुत बहुत धन्यवाद.