मूंगदाल का हलवा - Moong Dal Halwa recipe | Moong ki Daal Ka halwa Recipe | Moong Dal Sheera

मूंगदाल का हलवा (Moong Dal ka Halwa) एक लोकप्रिय उत्तर भारतीय मिठाई है. इसे अधिकतर सर्दियों में बनाया जाता है. सर्दियों के शाम खाने के बाद गरमागर्म मूंग दाल के हलवे का मज़ा एक दम अलग होता है. आईये आज मूंग दाल का हलवा (Moong Daal ka Halva) बनायें.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Moong ki Daal Ka halwa Recipe
- मूंग की धुली दाल - 1/2 कप (100 ग्राम)
- मावा - 1/2 कप (125 ग्राम )
- चीनी - 3/4 कप (150 ग्राम)
- घी - 1/2 कप (100 ग्राम)
- इलाइची - 4 (छील कर पीस लें)
- किशमिश - 1 टेबल स्पून
- काजू - 20 से 25
- बादाम – 7 से 8
- पिस्ते -10 से 12
विधि - How to make Moong Dal Sheera
दाल पीसिए
मूंग की दाल को धोकर 2 से 3 घंटे के लिए पानी में भिगो दीजिए. 3 घंटे बाद दाल को धोकर पानी से निकाल लीजिए. इस दाल को मिक्सी में डालकर बिना पानी के हल्का दरदरा पीसकर तैयार कर लीजिए.
दाल भूनिए
दाल पीसने के बाद, पैन गरम कीजिए और 2 से 3 छोटी चम्मच घी प्याली में छोड़कर बाकी घी पैन में डाल दीजिए. घी के पिघलने पर पिसी हुई दाल पैन में डाल दीजिए. दाल को लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर हल्की ब्राउन होने और अच्छी महक आने तक भून लीजिए.
दाल के हल्के ब्राउन रंग के होने और दाल से घी अलग होने पर दाल भुनकर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए. इस दाल को भुनने में 15 मिनिट लगे हैं. पैन गरम होने के कारण दाल पैन में लगकर जल ना जाए इसलिए दाल को थोड़ी देर चलाते रहिए.

मावा भूनिए
मावा भूनने के लिए, कड़ाही गैस पर गरम कीजिए और घी डालकर पिघला लीजिए. पिघले हुए घी में मावा को हाथ से बारीक तोड़कर डाल दीजिए. मावा को धीमी और मध्यम आग पर हल्का सा रंग बदलने और खुशबू आने तक भून लीजिए. मावा के भुनने के बाद, गैस बंद कर दीजिए. मावा को भुनी हुई दाल में डालकर मिक्स कर दीजिए.
चाशनी बनाइए
कड़ाही को वापस गैस पर रखिए और इसमें चीनी डाल दीजिए. साथ ही 1.5 कप पानी डाल दीजिए और गैस जलाकर चीनी के घुलने तक चाशनी को पकने दीजिए. इसी दौरान, मेवे काट लीजिए. प्रत्येक काजू के 6 से 7 टुकड़े कर लीजिए और बादाम और पिस्तों को पतला-पतला लंबा काट लीजिए. इलाइची को कूटकर पाउडर भी बना लीजिए.
चीनी के घुलते ही इसे चमचे से चला लीजिए, चाशनी बनकर तैयार है. चाशनी को भुनी दाल-मावा में डाल दीजिए और मिला लीजिए. इसे मध्यम आंच पर हलवे की कन्सिस्टेन्सी आने तक लगातार चलाते हुए पका लीजिए. साथ ही, हलवे में कटे हुए बादाम-काजू तथा किशमिश डालकर मिक्स कर दीजिए.
हलवे की गाढ़ी कन्सिस्टेन्सी आने पर इसमें इलाइची पाउडर डालकर मिला दीजिए. हलवा बनकर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए और हलवे को एक प्याले में निकाल लीजिए. हलवे पर 1 चम्मच घी डाल दीजिए. इससे हलवा दिखने में बढिया तो लगेगा ही, साथ में स्वाद भी बढ़ जाएगा.
कटे हुए पिस्तों और बादाम से हलवे को गार्निश कीजिए. मूंग की दाल का लज़ीज़ हलवा बनकर तैयार है. मूंग की दाल के हलवे को फ्रिज में रखकर पूरे एक हफ्ते तक खाया जा सकता है.
सुझाव
- मूंग दाल के बराबर ही घी डालकर दाल को भूनें, तो वह बरतन के तले पर चिपकती नहीं है.
- दाल भूनने के लिए नॉन स्टिक पैन का इस्तेमाल करें, तो थोड़े कम घी में भी दाल बिना चिपके भुन जाती है.
- हलवे में चीनी आप अपनी पसंद अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं.
- हलवे में मेवे आप जो डालना चाहें डाल सकते हैं. इसमें आप चिरौंजी, नारियल या जो पसंद हो उसे डाल सकते हैं.
- 3 से 4 सदस्यों के लिए पर्याप्त
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I tried moong daal halwa and it was super duper successful .
I have tried so many recipes of yours. Thank you so much for sharing them. I am your big big fan.
निशा: इशा जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: स्वाति जी, धन्यवाद.
निशा: निशा जी, हां, आप दूध भी इस्तेमाल कर सकती हैं.
निशा: राकेश जी, धन्यवाद.
निशा जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
निशा: रतन जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद और दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं.
निशा: विभा जी, हलवा दाल के आटे से बनाया जा सकता है लेकिन दाल को भिगोकर, पीसकर बना हलवा अधिक स्वादिष्ट बनता है.
निशा: कमलेश जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: महिरानिया जी, आपको भी मेरा बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अनुराग जी, मावा दूध को गाढ़ा करके बनाया जाता है, मावा को किसी भी डेयरी से खरीदा जा सकता है और घर में भी आसानी से बना सकते हैं, मावा बनाने की रेसिपी मेरे वेबसाइट और चैनल पर उपलब्ध हैं, उसे आप देख सकते हैं.
निशा: रूचि जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: ज्योती जी, डाल सकते हैं.
निशा: सलोनी जी, देसी घी का उपयोग कीजिए.
निशा: रबिन्द्र जी, मावा को खोया भी कहा जाता है. ये दूध को गाढ़ा करके बनाया जाता है.
निशा: धरमपाल जी, भटूरे फुलाने के लिये गैस फ्लेम को कन्ट्रोल करना होता है, तेल अच्छी तरह गरम होना चाहिये और भटूरे को कलछी से दबा कर तलें. भटूरे अच्छे से फूलकर तैयार होंगे.
गोलगप्पे थोड़े पतले बेलिये और गरम गरम तेल में डालकर तलिये, गोलगप्पे फूल जायेंगे.
निशा: सारिका जी, हलवे में मावा नहीं डालना है, कोई बात नहीं. चीनी की चाशनी बनाते समय पानी की जगह दूध का प्रयोग कर लीजिये.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: दाल को डालते समय इसे लगातार चलाते हुए पकाने की आवश्यकता होती है.
निशा: अनीता जी, हलवे का स्वाद घी में ही अधिक अच्छा होता है.
निशा: आभा जी, हलवे में मावा नहीं डालना है, कोई बात नहीं. चीनी की चाशनी बनाते समय पानी की जगह दूध का प्रयोग कर लीजिये, या मिल्क पाउडर का यूज भी कर सकती हैं.
निशा: हिमेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूजा जी, आप कम घी में भी इसे बना सकती हैं. लेकिन घी का उपयोग दाल को भूनने में और उसके स्वाद को बढा़ने में मदद करने वाला होता है.
निशा: मोहिनी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुनीता जी, आपके ढेर सारे प्रेम ओर स्नेह के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
Guru Purinima ki bahut bahut badhai ho.
निशा: सुनीता जी, आपको भी बहुत बहुत बधाई.
निशा: मिनाक्षी जी, अधिक भून जाने पर ऎसा हो जाता है.
Mainy yeh halwa apny betty ky birthday pr bnana hai.
Yeh uski favuurt sweetdish hai.
निशा: सुनीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सत्यपाल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Aap ny bttaya nhi
Kuch log ia halwy main thodi si suji bhi use krty hai. Ager dalni ho toh kittni aur kaisy daly.
निशा: सुनीता जी, सूजी डाल सकते हैं, 200 ग्राम दाल में 50 ग्राम सूजी मिला सकते हैं, सूजी को घी में अलग भून लीजिये और भुनी दाल और सूजी को सीरप में डाल कर बिलकुल उसी तरह पकायें जैसे दाल का हलवा पकाया है.