शिशुओं के लिये आहार. Foods for Toddlers

छोटे बच्चे 4-5 महिने तक सिर्फ दूध पीते हैं तब तक मां को सोचना ही नहीं पड़ता कि बच्चे के लिये खाने में क्या बनाया जाय. डाक्टर 5 या 6 माह के बाद बच्चे को ठोस आहार देने की सलाह देते हैं, बच्चे को पर्याप्त बढ़ने के लिये यह आवश्यक है कि उसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फल, सब्जियां और दूध जो उसको प्रत्येक दिन के खाने में मिलना चाहिये. तो हर मां के पास यही सवाल होता है कि बच्चे को ये आहार कैसे बना कर दिया जाय.
बाजार में बच्चों के लिये डिब्बा बन्द बहुत सारे प्रोडक्ट तैयार मिलते हैं लेकिन घर में ताजा बने खाने का मुकाबला नहीं जो आपके प्यार भरे हाथों से बना कर, बच्चे को मिलता है.
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खाने में हम बच्चों के लिये कैसे और क्या बनायें:
छोटा बच्चा हमारा बड़ों का खाना नहीं खा सकता उसके लिये तो कुछ अलग से स्पेशल बना कर खिलायें या अपने खाने से इस तरह निकाल कर तैयार करलें जिसे बच्चा खा पाये.
1. आप अपने खाने में दाल बना रही हैं तो दाल को नमक और हल्दी पाउडर डाल कर कुकर में पका लीजिये, कुकर खोलिये और बच्चे के लिये इस दाल से थोड़ी सी दाल पानी सहित निकाल लीजिये, बच्चा ज्यादा छोटा है (4-10 माह तक), तब दाल को अच्छी तरह मैस कर लीजिये. मैस्ड दाल में आधा छोटी चम्मच मक्खन मिलाइये, वह दाल बच्चे को पिलाइये.
बची हुई दाल को आप अपने हिसाब से तड़का लगाइये और आपके लिये दाल तैयार.
2. लौकी, चने की दाल वाली बना रही हैं, लौकी और चने की दाल को नमक और हल्दी पाउडर डाल कर उबालने के लिये रखिये. कुकर खोलिये और थोड़ी सी लौकी चना दाल निकाल कर मैस कर लीजिये और सब्जी का पानी निकाल कर उसमें मिला लीजिये, आधा छोटी चम्मच मक्खन मिला कर बच्चे को दीजिये.
लौकी चना दाल को अपने हिसाब से तड़का और मसाले मिला कर तैयार कर लीजिये.
3. आप चावल बनायें तो चावल से निकले हुये माड़ को हल्का नमक या चीनी डाल कर बच्चे को पिलाइये. चावल को अच्छी तरह मैस करके, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा मक्खन डालकर बच्चे को खिलाया जा सकता है.
4.. एक कप सूजी को एक छोटी चम्मच घी डाल कर हल्का ब्राउन होने तक भून कर रख लीजिये. बच्चे को जब भी खाना खिलाना हो, 100 ग्राम (आधा कप) दूध गरम कीजिये और 2 छोटे चम्मच सूजी उसमें डालिये, सूजी को पूरी तरह फूलने तक पका लीजिये, स्वादानुसार थोड़ी सी चीनी डालिये, स्वादिष्ट सूजी की खीर बच्चे के लिये तैयार है.
5. बच्चे के खाने के लिये मूंग की दाल, चावल और दलिया भून कर बराबर मात्रा में मिला करके किसी कन्टेनर में भरकर रख लीजिये. बच्चे के लिये जब भी खाना बनाना चाहें, 2 टेबल स्पून मिली हुई खिचड़ी निकालिये, चार गुना पानी लीजिये, कुकर या किसी भी बर्तन में ताजा ताजा खिचड़ी बना कर बच्चे को खिलाइये.
6. बच्चे के हाथ में पार्लेजी के बिस्किट भी पकड़ा सकती हैं जिन्हैं वह चूस कर प्यार से खाता है. ये 3-4 बिस्किट्स आधा छोटी प्याली दूध में डालिये, बच्चे के लिये खाना तैयार है इस खीर को चम्मच से बच्चे को खिलाइये.
7. चीकू या केला की खीर बनाकर बच्चे को खिलाइये, एक कप दूध लीजिये, किसी पैन में उबाल आने तक गर्म कीजिये, केला या चीकू को छील कर कद्दूकस करके दूध में डालिये, एक छोटी चम्मच चीनी डालिये, दूध में 3-4 मिनिट हल्का गाड़ा होने तक चमचे से चलाते हुये पकाइये. बच्चे के लिये स्वादिष्ट चीकू या केला की खी तैयार है. इसी तरह चीकू और केला की खीर बनाकर बच्चे को खिलाइये. सेब की खीर (Apple Kheer Recipe) बनाना चाहे तो यहां देख सकते हैं.
8. केला, चीकू, पपीता या सेब को मैस करके थोड़ा थोड़ा बच्चे को खिलाइये, कभी खीरे का जूस तो कभी आम का पल्प बच्चे को खिलायें, अपने घर में बनी सब्जी से किसी भी सब्जी के टुकड़े को मैस करके बच्चे को खिलाइये.
9. ताजा फुल क्रीम दही में केला या चीकू मैस कीजिये और बच्चे को स्वादिष्ट मीठा दही फ्रूटी बनाकर खिलाइये. दही में सब्जी से आलू के टुकड़े निकाल कर मिला लीजिये, थोड़ा सा नमक डाल लीजिये, ये नमकीन दही आलू बच्चा प्यार से खायेगा.
10. बच्चे को संतरे, मोसम्मी, अंगूर या सेब किसी भी फल का थोड़ा सा (2 टेबल स्पून) ताजा जूस निकाल कर पिलाइये. सर्दी के मोसम में जूस को थोड़ा गुनगुना करके बच्चे को पिलाइये.
छोटे बच्चे को कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड से बचाइये. ये चीजें भूलकर भी अपने लाड़ले को मत पीने दीजिये.
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निशा: हजीरा जी, बेबी के खाने के लिये आर्टीकल में बहुत सारे सुझाव दिये गये हैं, मूंग दाल चावल से बनी खिचड़ी, या दलिया और मूंग दाल से बनी खिचड़ी या दलिया, फलों का पल्प, मैश्ड बनाना या मेन्गो आदि दे सकते हैं.
निशा: नेहा जी,बेबी स्वस्थ है तब आप चिन्ता न करें, और बेबी को ताजा घर में बना खाना खिलाती रहें, वेट कभी भी बढ़ जायेगा.
निशा: बबली जी, बेबी को जन्म घुटी या बोनीसन दे सकते हैं, जिससे उसका पाचन सही हो जायेगा, और डा. से भी सलाह ले लीजिये, धन्यवाद.
निशा: नवीन जी, वैसे तो मां के दूध में पानी की मात्रा बहुत होती है, लेकिन आपको लग रहा है कि बेबी को पानी की आवश्यकता है तो आप बेबी चम्मच से पानी पिला सकते हैं, ध्यान रहे कि पानी आरोह वाटर हो.
निशा: नवाजि<श जी, यदि आप इसे घर पर बना कर ये सब खिलाती हैं तो अच्छा है लेकिन चिप्स रोज रोज न दें. वीक में 1-2 बार , रोजाना बच्चों को घर पर बनाकर ताजा तजा खिलाएं, वो सेहत के लिये अच्छा होता है.
निशा: सोनियां जी, बेबी जो कपड़े पहनता है वह ढीले और कोटन के हों, और सोने से पहले उसके हाथ मुंह भी भीगे कपड़े से पोंछ दें, बेबी ने दूध या खाना पेट भर खाया पीया हो, कमरे में ज्यादा गर्मी न हो, लाइट भी कम हो, मां साथ में हो बेबी स्वस्थ है तो वह पुरी रात अच्छी तरह मां के साथ सोता है, अगर आप बेबी को डायपर पहनाते हैं, तो न पहना कर देख लें कि कही बेबी को डायपर के कारण तो बेचैनी नहीं हो रही, कोई कारण अवश्य होगा, आप ध्यान देंगी तो कारण अवश्य समझ आ जायेगा, और कारण हटने पर बेबी और मां दोंनो रात भर अच्छी नींद में सोयेंगे.
निशा: सोनिया जी, बच्चे के लिए मा का दूध सर्वोत्तम आहार होता है साथ ही मा के लिए भी बच्चे को दूध पिलाना मां के स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है और प्रेगनेंसी से शरीर में आए मोटापे को दूर करने वाला होता है.
निशा: गौरी जी, लेख में बहुत सारी चीजें सुझाई गई हैं, आप वह बना कर बेबी को खिला सकते हैं और आप जो भी कम मसाले का खायें वह बेबी थोड़ा सा अवश्य खिलायें.
निशा: राधा जी, बेबी को दलिया और मूंग दाल खिलायें, दलिया की खिचड़ी खिलायें, और आप उसे घुटी भी दे सकती हैं.
निशा: नीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूनम जी, मां का दूध बेबी के लिये 6 महिने तक तो देना ही होता है, और अगर बेबी को मां का दूध 1 साल का होने तक मिल जाय तो बहुत अच्छा होता है.
निशा: अभी बेबी के लिये मां का दूध सबसे अच्छा रहता है, लेकिन अगर बेबी का पेट मां के दूध से नहीं भर पाता तब, बाहर का दूध गाया का या डिब्बा बन्द पाउडर मिल्क दे सकते हैं और बेबी के हाथ में सोफ्ट बिस्किट दे सकती हैं, वह खाना सीखता है, दाल का पानी, चावल का पानी, मैस्ड बनाना या आम 1-2 चम्मच खिला कर ट्राई कर सकती हैं, और आप ये आर्टीकल पढ़ें इसमें बेबी के लिये अनेक प्रकार के खाने सुझाये गये हैं.
निशा: सोनियां जी, आप बेबी को 3 महिने के बाद 1-2 छोटी चम्मच सेरेलक या घर में बनी दाल या मैस्ड चावल या मैस्ड केला खिलाना शुरू कर दें, अगर बेबी प्यार से खाता है और वह डायजैस्ट कर पाता है तो थोडा थोड़ा बढ़ायें, जिन बच्चों को मां दूध कम मिलता है या नहीं मिलता वे जल्दी खाना शुरू कर देते हैं,हमारी शुभकानायें आप और बेबी खुश रहें.
निशा: सोनिया जी, डाक्टर ने आपको जो सलाह दी है, वह दूध बेबी के लिये अच्छा है, उसे आप बेबी को दे सकती है और गाय का दूध भी पिलाया जा सकता है, आप सब ठीक कर रही हैं, चिन्ता न करें, बेबी की केयर करती रहें, बेबी हैल्दी रहेगा.
निशा: सोनिया जी, बेबी को गाय का दूध दिया जा सकता है, लेकिन बोटल को हमेशा साफ करके रखें और रोजाना दिन में 2 बार उबाल कर साफ करे, 3-4 माह बाद आप बेबी को छोटी कटोरी या गिलास से भी पिलाना शुरू कर सकते हैं.
निशा:करन जी, इस मामले में तो डा.की सलाह ही बेहतर होती है.
निशा: मेघा जी, बेबी को खाने में चावल दही के साथ और केला दीजिये, और डा. को भी दिखा लीजिये.
निशा: अदित्यराज, प्लीज डा. से सलाह लें, और बेबी को पानी पिलाते रहें.
निशा: निहारिका जी, अभी बेबी को मां का दूध ही दें. बेबी को 6 माह का होने के बाद उसे दलिया, दलिये की खिचड़ी, चावल - दाल या चावल की खिचड़ी और आप ये आर्टीकल पढ़े इसमें बेबी के लिये अनेक तरह के खाने के बारे में सुझाया गया है.
निशा:मीनाक्षी जी,बेबी को आप जो भी कम मसाले का खाती हैं, उसे हर नये स्वाद से अवगत कराती रहे, उसके मुंह में थोड़ा सा खिलाती रहें, और बेबी को जो भी पसन्द आये उसे खिलायें, बेबी कुछ न कुछ अवश्य पसन्द से खायेगा, आप कोशिश करती रहें और एक बार के खिलाने के बाद 2 घंटे का अन्तर रखें, परेशान न हों, बेबी खाना खायेगा.
meri beti 1 saal 1 mahine ki hui hai..lekin uska weight badd nai raha hai abhi bhi wo 7kg ki hi hai .wo upar ka to kha leti hai par mujhe nai lagta ki uska pet bharta hoga or upar se usko upar ka dudh bilkul pasand nai hai isliye may usko dudh may cerlack milkarr khilati hu please mujhe bataiye ki apni beti ka weight kaise gain karu or wo chidchidi bahot karti hai...
निशा: स्वाती जी, बेबी को समय समय पर ताजा बनाकर खिलाती रहें, बेबी स्वस्थ रहे, किसी किसी बच्चे का वेट इसी तरह गेन होता है, आप चिन्ता न करें, बस ध्यान रखें कि बेबी स्वस्थ रहे.
निशा: ममता जी, शिशु के लिए मां का दूध ही पौष्टिक आहार होता है अगर आप अपना दूध पिला रही हैं तो, बच्चे को खाने की चीजें 6 माह के बाद ही दीजिये.
निशा: पूजा जी, अब बेबी को आप अपना दूध पिलाना बन्द कर दीजिये, और बाजार के नमकीन की जगह उसे घर में कुछ अच्छा बनाकर खिलायें, उसके लिये छोटा नमकीन घी से बनायें, अच्छी प्लेट जो उसे पसन्द हो उसमें रखें, वह अवश्य खायेगा, मूंग दाल का चीला, बेसन का चीला, सूजी पनीर चीला, बेबी को बदल बदल कर बनाकर खिलाती रहें, बेबी ये सारी चीजें खायेगा.
निशा: अजमत जी, बेबी यदि स्वस्थ है और रोता हे तो थोड़ा इगनोर कर सकते हैं और बच्चे को अधिक रुलाया भी नहीं जा सकता है, बच्चे को प्यार से बहला कर सुलायें, पता करें कि वह क्यों रो रहा है.
निशा: जस्प्रीत जी, आप इस संदर्भ में डाक्टर से परामर्श अवश्य कीजिए.
निशा: रितु जी, बेबी को एकदम छोटी बोल जैसी रोट पर घी रखकर या नमकीन परांठा दीजिये, आप जो भी खायें उसे थोड़ा टेस्ट करायें, बेबी थोड़ा थोड़ा खाना शुरू कर देगा.
निशा:प्रिया जी, अच्छी कम्पनी के सेरेलक बच्चों को दिये जा सकते हैं.
निशा: प्रियंका जी, बेबी को फ्रेश नारियल पानी पिलाया जा सकता है, पूरी तरह सेफ है.
निशा: छगन जी, 4 माह के बच्चे के लिए सिर्फ मां का दूध ही संपूर्ण भोजन होता है, कुछ और नही दिया जाता है.
निशा: दीपक जी,बेबी को घुटी या बोनीसन दी जा सकती है,ये बच्चों का पाचन ठीक रखने के लिये दिया जाता है.