sitelogo
Horoscope English Q and A

जच्चा के लिए रेसिपीज़ । New Mothers ke liye Recipes | Food for New Mothers

New Mothers ke liye Recipes

“जच्चा स्वस्थ तो बच्चा भी स्वस्थ" ऎसा माना जाता है इसलिए भारतीय परिवारों में बच्चे के जन्म के बाद नई मां यानी कि न्यू मदर (new mother) की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की स्पेशल रेसिपीज़ बनाई जाती है. इनमें मुख्य रूप से हरीरा, सोंठ के लड्डू, आटे का हलवा इत्यादि शामिल हैं. जच्चा के लिए विशेष पंजीरी को हम कैसे भूल सकते हैं. ये सभी रेसिपीज़ पौष्टिक तो होती ही है, साथ में स्वादिष्ट भी.

Read - New Mothers ke liye recipe - Food for new Mothers

जच्चा के लिए विशेष पंजीरी
यह खास पंजीरी (Special Panjiri for New Mothers) मेवों, जीरा पाउडर, कमरकस आदि से बनाई जाती है. इस पंजीरी में कमरकस (Bengal Kino or Butea Frondosa) का उपयोग किया जाता है. जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है. यह कमर को कसती है यानी कि कमर की मांसपेशियों को मजबूत करके उसे वापस शेप में लाने में मदद करती है. कमरकस (पलाश और टेशू के पेड़ों से निकाला हुआ काले लाल रंग का गंध रहित गोंद है.

Panjiri Recipe for New Mother - Gond Panjeeri Recipe after delivery

हरीरा
मेवों (dry fruits), हल्दी (turmeric), घी से तैयार होने वाला हरीरा जच्चा के लिए काफी फायदेमंद होता है. हरीरा (Harira) में विशेषतौर पर हल्दी का उपयोग किया जाता है जोकि नई मां को प्रसव चोट को जल्दी से सही करके इसकी पीड़ा से राहत दिलाती है. इसमें उपयोग होने वाला जीरा मां के दूध के उत्पादन में मदद करता है. कुछ लोग तो जच्चा की डिलीवरी के बाद उन्हें जीरे का पानी भी नियमित रूप से देते हैं.

Harira Recipe for new Mother

सोंठ के लड्डू
सोंठ (ginger powder) अत्यंत गरम तासीर की होती है. इससे बने लड्डू शरीर को गरमाहट देते हैं. साथ ही सोंठ लड्डू (Ginger Powder ladoo) जच्चा को बदनदर्द से निजात दिलाने में काफी कारगार है. इन लड्डूओं को गुड़ के साथ बनाया जाता है जिससे मां के शरीर को ताकत भी मिलती है. ये पारंपरिक लड्डू विशेषत: जच्चा को सुबह शाम दूध के साथ सेवन करने के लिए दिए जाते हैं.

Sonth Ke Laddu - Ginger Powder Laddu Recipe - Sonth aur Gond ke laddu

मेवे के लड्डू
मेवे के लड्डू (mewa ladoo) भी नई मां में ऊर्जा और स्फूर्ति भरने के लिए खिलाए जाते हैं. डिलीवरी के बाद जच्चा काफी कमजोर होती हैं. ऎसे में उसे सभी प्रकार के पोषक तत्व जैसे कि विटामिन्स, मिनरल्स इत्यादि की आवश्यकता होती है जोकि ये लड्डू प्रदान करते हैं.

Dry fruits laddu recipe | How to make dry fruits ladoo with jaggery

खसखस का हलवा
बहुत ही गरम तासीर का होने के कारण खसखस से हलवा (khaskhas halwa) बनाकर नई मां को खासतौर पर खिलाया जाता है. यह हलवा जच्चा को ताकत देता है और नई मां के दूध में बढ़ोतरी करता है. 

Khas-Khas ka Halwa Recipe - Post ka Halwa recipe

हल्दी का दूध
हल्दी का दूध जोकि टर्मरिक लाटे (turmeric latte) के नाम से मशहूर है जच्चा के लिए बेहद लाभप्रद होता है. हल्दी में ऎसे गुण होते हैं जो प्रसव की चोट को शीघ्रता से सही करते हैं और पीड़ा से जल्दी निजात दिलाने में जच्चा की मदद करते हैं. अत्यधिक गरम तासीर के होने के कारण हल्दी से बनने वाला दूध जच्चा के शरीर को गरमाहट प्रदान करता है. साथ ही हल्दी बेहद स्वास्थ्यवर्धक होती है इसलिए न्यू मदर को हेल्दी बनाने के लिए हल्दी का दूध दिया जाता है.
Turmeric Latte - Golden Drink Turmeric Milk - Haldi ka Milk

इन सभी रेसिपीज़ को भारतीय परिवार नई मां के लिए खासतौर पर बनाते हैं ताकि जच्चा फिर से हृ्ष्ट -पुष्ट बन सके और नवजात शिशु का बेहतर तरीके से ध्यान रख पाए. इनके अतिरिक्त कई अन्य प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक आहार मां को बनाकर दिये जाते है, जैसे कि हलीम के लड्डू, नारियल का पाग (coconut pag), गोंद के लड्डू (gond ke ladoo), मखाने का पाग (Makhane ka pag), गोंद का पाग,  आदि. हमने खासतौर पर अपने दर्शकों के लिए अपने यूट्यूब चैनल पर जच्चा के लिए विभिन्न प्रकार की रेसिपीज़ की प्ले लिस्ट उपलब्ध है-

Recipes for New Mothers

Please rate this recipe:

3.42 Ratings.

recipe

इस रेसिपी के बारे में सवाल पूछिए.

क्या आपके मन में इस रेसिपी से जुडा़ कोई सवाल है? आप Nishamadhulika.com पर आने वाले लोगों से उसे पूछ सकते हैं : यहाँ क्लिक करें.

Comments (2)

Rishika bajaj on 14 November, 2017 20:36:04 PM

Hello Aunty, Main eight months pregnant hoon. Delivery ke kitne din bad mein panjiri aur ladoo kha sakti hoon. yeh ladoo panjiri kitne din chalte hai. Inhe abhi banakar rakh lu?
निशा: रिशिका जी, बहुत बहुत बधाई हो, ये लड्डू या पंजीरी लम्बे समय तक 2-3 महिने रखकर खाये जा सकते हैं, लेकिन आप इन्है अभी से बनाकर न रखें, इन्हैं डिलीवरी के बाद में अपनी मम्मी या सास से बनबायें, और डिलीवरी 4-5 दिन बाद से खाना शुरू करें, और 2 महिने बाद तक खाती रहें, और भी लम्बे समय तक खाये जा सकते हैं.

Roohi kalra on 14 November, 2017 20:37:17 PM

Wah Nishaji Apne to sabhi new mothers ke gharwalo ki problems solve kar di. New mothers ke liye itne sari tasty and healthy recipes batakar.

निशा: रूही जी, बहुत बहुत धन्यवाद.

Click here to log in

Become a member free and get access to advanced features.

Latest Recipes

More Recipes
इस ब्लाग की फोटो सहित समस्त सामग्री कापीराइटेड है जिसका बिना लिखित अनुमति किसी भी वेबसाईट, पुस्तक, समाचार पत्र, सॉफ्टवेयर या अन्य किसी माध्यम से प्रकाशित या वितरण करना मना है.