काजू कतली - Kaju Katli Recipe

क्या आप काजू कतली (kajoo katli burfi ) पसन्द करते हैं? बाज़ार में काजू कतली केवल वर्क लगी हुई मिलती है.
चूंकि कथित "चान्दी का वर्क" नान-वेजीटेरियन श्रेणी में आता है इसलिये सभी परिवारों में इसे खाया नही जाता. मुझे तो काजू कतली (kaju katri) केवल घर पर बना कर खिलाना ही पसन्द है. इसे बनाना बहुत ही आसान है. आईये आज काजू कतली ( kajoo katli) बनायें.
Read - Kaju Katli Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Kajoo Katli
- काजू - 1 1/4 कप ( 200 ग्राम)
- चीनी - आधा कप ( 100 ग्राम )
- इलायची पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
- देशी घी दो चम्मच
विधि - How to Make Kajoo Katli
काजू की कतली 2 प्रकार से बनाई जा सकती है.
पहला तरीका - काजू को सूखा बारीक पाउडर पीस कर
काजू को मिक्सर में डालिये और बारीक बना लीजिये. चीनी को पैन में डालिये 1/4 कप पानी डालिये और चीनी घुलने के बाद, चाशनी को 1-2 मिनिट तक और पका लीजिये. चाशनी में काजू पाउडर डालकर मिलाइये और मिश्रण को जमने वाली कन्सिसटेन्सी तक पका लीजिये.
मिश्रण को थाली में निकाल कर ठंडा कीजिये, जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाय कि हाथ में उठाया जा सके तब मिश्रण को हाथ में उठाकर, गोल आटे की तरह से लोई बनाकर तैयार कर लीजिये. लोई को बोर्ड के ऊपर रखे बटर पेपर के ऊपर रखिये, हाथ से थोड़ा बड़ाइये और अब बेलन की सहायता से हल्का दबाव देते हुये, 1/4 सेमी. पतली बेल कर तैयार कर लीजिये.

पतली बेली हुई पट्टी को 15-20 मिनिट ठंडा होने के बाद, चौकोर या डायमंड सेप में काजू कतली काट कर तैयार कर लीजिये.
दूसरा तरीका - काजू को भिगो कर पेस्ट बनाकर
काजू को लगभग एक घंटे पहले गरम पानी में भिगो दीजिये. एक घंटे बाद काजू तोड़ कर देखिये कि ये अन्दर से भी अच्छी तरह मुलायम हो गये हैं या नहीं. यदि काजू अच्छी तरह से मुलायम हो गये हों तो इनमें से पानी निकाल कर मिक्सी में एकदम महीन पीस लें.
चीनी पीस कर पाउडर बना लीजिये.
पिसे हुये काजू के पेस्ट में, पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लीजिये.
आग पर कड़ाही चढाये और इसमें काजू और चीनी का पेस्ट डाल कर पकायें. आग एकदम हल्की रखें. मिश्रण को लगातार चलाते हुये जमने वाली कन्सिसटेन्सी तक पका लीजिये, गैस बन्द कर दीजिये और पिसी इलायची डालकर मिला दीजिये और जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाय कि हाथ में लिया जा सके, तब हाथ से गोल करके लोई की तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.
मिश्रण से बनी लोई को बोर्ड पर रखे घी लगे बटर पेपर पर रखकर, बेलन पर घी लगाकर, रोटी की तरह पतला बेल लें (आप चाहें तो इसे 2 चौकोर पोलीथिन के टुकड़े लेकर,अन्दर की तरफ घी लगायें, काजू का मिश्रण उसके बीच में रखें और पतला बेल लें). जमने पर इसे मनपसन्द साइज के टुकड़ों में काट लीजिये.
आपकी काजू कतली (Kaju Katli ) तैयार है. काजू की कतली को फ्रिज में रखकर 15 दिन तक खाया जा सकता है.
कमेंट (301)
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Recipes
निशा: नीरू जी, दोनो का स्वद आपको पसंद आएगा, आप इन्हें बनाएं ओर अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर कीजिएगा.
निशा: रमेश जी, ये तो आपको बनाकर उसकी कोस्ट निकालनी होगी, कोशिश करेंगे तो आप अवश्य कर पायेंगे.
This recipe is wonderful
निशा: रश्मी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अदिती जी, थाली को अच्छे से घी से चिकना करके बर्फी जमा सकते है
निशा: सुपर्णा जी, आप चीनी अपने स्वादानुसर कम या ज्यादा जैसी रखना चाहें रख सकते हैं.
निशा: अगर काजू कतली नरम है, तो उसे थोड़ी और पकाने की आवश्यकता है, आप इसे फिर से कढाई में डालकर पका सकते हैं.
Dusra tarika jisme aap kaju ko bhigo kar usme shakkar ka powder milati hai, wah halwe jaisi banti hai aur kabhi nahi sukhti. Uska swad bhi alag ho jata hai aur rang bhi safed nahi rahta. Aap please us recipe ka bhi video daliye ki wo kitni der me sukhti hai.
dhanywad
Ritu
निशा: रितु जी, बहुत बहुत धन्यवाद, आप सही कह रहे हैं काजू का पाउडर बनाकर काजू कतली आसानी से बन जाती है, मैं दूसरे वाले तरीके से काजू कतली बनाने की कोशि करूंगी.
निशा: नीति जी, मिश्रण के ज्यादा पक जाने के कारण ऎसा होता है. मिश्रण को बस, जमने वाली कनिस्टेन्सी तक ही पकाना होता है. आप एक बार काजू कतली का वीडियो ज़रूर देख लें, आपको इसे बनाने में आसानी होगी. धन्यवाद.
निशा: सरिता जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: नीलू जी, काजू कतली बिना खोया डाले ही बनाई जाती है, यदि आप खोये के साथ इसे बनाना चाहते हैं तब खोया पहले हल्का सा भून लीजिए और काजू के मिश्रण के साथ खोया डालकर मिला लीजिए, लेकिन इससे थोड़ी मोटी बर्फी बनेगी.
निशा: पवन जी, डायबेट पेशेन्ट के लिये मिठाइयां और तली भुनी चीजें बिलकुल कम कर दें, और उन्हैं हरी सब्जियां, ताजे फल घर में बना ताजा खाना खिलाये, फैट फ्री मिल्क, अंकुरित दालें व चने आदि खायें.
निशा: युवराज जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: युवराज जी, हां, कर सकते हैं, लेकिन वह पीनट कतली बन जायेगी.
निशा: रिया जी, मुझे यह जानकर बेहद प्रसन्नता हो रही है कि आपकी काजू कतली एकदम परफेक्ट बनी. बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रिया जी, काजू के पेस्ट को लगातार च़लाते हुए धीमी आंच पर तब तक पकाना है, जब तक कि यह जमने वाली कन्सिस्टेन्सी में न आ जाए.
दूसरे तरीके से काजू कतली पकाने के बारे में आप बिलकुल सही समझ रही हैं.
निशा: रिया जी, काजू का मिश्रण थोड़ा ज्यादा पक गया होगा, अगली बार हल्का सा कम पकाइए.
निशा: प्रीति जी, काजू का मिश्रण थोड़ा ज्यादा पक गया होगा.
निशा: विनोद जी, काजू कतली नरम है, तो उसे थोड़ी और पकाने की आवश्यकता है. आप इसे फिर से कड़ाई में डालकर पका सकते है.
निशा: लता जी, इतने प्यारे कमेन्ट्स के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: अशोक जी, मुझे खेद हैं मैं आपके सवाल का जबाव देर से दे सकी हूँ.
निशा: अंजना जी, पेस्ट को कढ़ाई में डालें और लगातार चलाते हुये पकायें, थिक होने पर कतली बनायें.
निशा: दुर्गा जी, धन्यवाद.