कच्चे आम की लौंजी – Raw Mango Launji recipe- Kairi ki Launji recipe

गरमी के मौसम में आम और कैरी की बहार आ जाती है. कच्चे आम से बनी खट्टी मीठी रेसीपीज सारे भारत में पसंद की जाती हैं .
गुजरात में कच्चे आम को कद्दूकस कर के आम का छुन्दा (Mango Chhunda) बनाते हैं जबकि राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कच्चे आम की लोंजी (Raw Mango Launji) बनायी जाती है. आम की लौंजी (Kairi ki Launji) का खट्टा मीठा स्वाद आपको बहुत भायेगा. बच्चों के टिफिन में परांठों के साथ आम की लौंजी (Aam ki Launji) को भी रखा जा सकता है. आईये आज आम की लौंजी बनाते हैं
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Raw Mango Launji
- कच्चे आम - 2
- चीनी - 1/4 कप
- तेल - 1 से 2 टेबल स्पून
- हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच से आधी
- सौंफ - 1/4 छोटी चम्मच
- जीरा - 1/4 छोटी चम्मच
- हींग - 1 से 2 पिंच
- नमक - 1/4 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
- काला नमक - 1/4 छोटी चम्मच
- गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - 2 पिंच

विधि - How to make Raw Mango Launji
आम को धोइये. आम को छीलकर गूदा निकाल लीजिये और गुठली अलग कर दीजिए. गूदे को लंबे मोटे टुकड़ों में काट लीजिये.
पैन गरम कीजिए. इसमें तेल डाल दीजिये. गरम तेल में हींग, जीरा और सौंफ डालिये और हल्का ब्राउन होने तक भूनिये. फिर हल्दी पाउडर डालकर हल्का सा भूनने के बाद, कटे हुये आम, नमक, काला नमक और लाल मिर्च पाउडर डाल दीजिये. सारे मसालों को मिलाते हुए थोड़ा सा भून लीजिए.
इसमें आधा कप पानी डालिये और ढककर आम के टुकड़े नरम होने तक पकने दीजिये. 3 से 4 मिनिट बाद, इन्हें चैक कीजिए. आम के टुकड़े नरम है, तो इसमें चीनी और गरम मसाला डालकर मिला दीजिये. लौंजी को धीमी गैस पर खुले ही गाड़ा होने तक पकने दीजिये. इसे गाढ़ा होने में तकरीबन 5 मिनिट लग जाते हैं.आम की लौंजी तैयार है. गैस बन्द कर दीजिये.
कच्चे आम की खट्टी मीठी लौंजी को प्याले में निकालिये, अपने खाने में पूरी परांठो, नान के साथ परोसिये और खाइये.
सुझाव
आपको गुड़ पसंद हैं, तो चीनी की जगह गुड़ का उपयोग कर सकते हैं.
Raw Mango Launji Recipe in Hindi
कमेंट (53)
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y..i..love..it..thx..a.lot..to...giving...us...this... recipe
निशा: भावना जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपका.
निशा: हेमलता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: खुशी जी, आप ये रेसिपी बनाएं और अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर कीजिए.
Ur recipes r like Maa ki recipes ...
निशा: अमित जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: माही जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
we make launji with jaggery and also put a bit of kalonji in the baghaar.
this is usually prepared in rajasthani households during sheetalaashtmi.
i must admit though that i am a regular on your site.i have learned so much more reciepies to cook since i cook without onion and garlic too.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: राजीव जी, कच्चे आम की लौंजी ऎसे ही अच्छी लगती है. अगर आप इसमें प्याज और लहसुन डालना चाहते हैं, तो ट्राई करके अपने स्वादानुसार बना सकते हैं.
निशा: पूजा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: इंदरा जी, लौंजी को फ्रिज में रखकर एक सप्ताह तक यूज कर सकते हैं, और अधिक दिन तक यूज करने के लिये इसमें चीनी अधिक डालें और गाढ़ा बनायें.
निशा: गोल्डी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सिमरन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अंशुल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: परमजीत जी, आम की लौंजी को फ्रिज में रखकर 7 दिन और बाहर रखकर 3 दिन तक खाया जा सकता है.
निशा: कुसुम जी, आम की लोंजी को फ्रिज में रखकर 7 दिन और बाहर रखकर 3 दिन तक खाया जा सकता है.
I have tried your mango pickle and the chilly pickle.They have come out very nice.Thanks a lot for posting ur recipes. I am a big fan of your recipes
निशा: मैना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
does dis book contain north Indian receipies.what's the cost of d book
निशा: श्रीकुमारी जी, ये रेसिपी की बुक नहीं हैं, ये सारी रेसिपी इन्टनेट पर ही उपलब्ध हैं.
निशा: निधि जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
thnak you so much
mene "keri ki longi" wali recipi bnayi mja aa gya.
rent k room pe bnna k khane k mje hi or h
निशा: हरिजोशी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: राकेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Thank you for wonderful recipe. I tried it and was very tasty. On fifth time when I cooked it again, mistakenly I poured more water quantity than intended. How can I rectify the mistake as it is now more thin liquid and not as tasty as it has to be.
निशा: डौली, लौजी को देर तक पका कर, पानी को जला कर कम किया जा सकता है.
निशा: दीप, बहुत बहुत धन्यवाद.