बुकनू - Buknu Recipe - How to make Buknu Powder?

बुकनू चूरन भी है, मसाला भी है.यह पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से कानपुर में बहुत लोकप्रिय है. इसे परांठा रोटी के ऊपर बुरक कर, चाट के ऊपर बुरक कर या मसाले की तरह दाल सब्जी में टेस्ट बढाने के लिये डाल कर खा सकते हैं. इसे बनाने के लिये किचन में प्रयोग करने वाले मसालों के साथ कुछ आयुर्वेदिक इन्ग्रेडियेन्ट्स भी हैं जो हमारे पाचन को सही बनाये रखती है.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Buknu Masala
- सादा नमक - 250 ग्राम
- काला नमक - 125 ग्राम
- सेंदा नमक (लाहोरी व्रतका नमक ) - 50 ग्राम
- हल्दी - 75 ग्राम
- बड़ी हर्र - 50 ग्राम
- छोटी हर्र - 50 ग्राम
- बहेड़ा -50 ग्राम
- सूखा आंवला - 50 ग्राम
- जीरा - 25 ग्राम
- अजवायन - 25 ग्राम
- सोंफ - 25 ग्राम
- बड़ी इलाइची - 25 ग्राम
- काली मिर्च - 25 ग्राम
- सोंठ - 25 ग्राम
- पीपर - 20 ग्राम
- बायविरंग (Vaividang, Baibidang or Bhabhirang) - 20 ग्राम
- मरोड़ फली - 20 ग्राम
- छोटी इलाइची - 10 ग्राम
- खाने वाला नौसादर - 10 ग्राम
- अच्छी वैराइटी की हींग - 5 ग्राम
- सरसों का तेल - 100 ग्राम
विधि - How to make Buknu?
सारे मसाले अच्छी तरह देख कर साफ करके ले लीजिये.
कुछ मसाले तल लीजिये : बड़ी हर्र, सोंठ, हल्दी, छोटी हर्र और बहेड़े
सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर हल्का गरम कर लीजिये. बड़ी हर्र को गरम तेल में डालिये और धीमी आग पर 2-3 मिनिट तक तल कर निकाल कर किसी प्लेट में रखस् लीजिये.सोंठ को गरम तेल में डालिये और धींमी आग पर 2-3 मिनिट कलर बदलने तक भून कर इसे भी उसी प्लेट में निकाल लीजिये.हल्दी को गरम तेल में डालिये और इन्हैं भी 2-3 मिनिट धीमी आग पर कलर बदलने तक तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये. छोटी हर्र को गरम तेल में डालिये और 1 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल लीजिये. अब बहेड़ा तेल में डालिये और 2-3 मिनिट तक धीमी आग पर तल कर उसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कुछ मसाले सूखे भून लीजिये : सूखे आंवले, मरोड़ फली, बायविरंग, बड़ी इलाइची, पीपर, जीरा, अजवायन, सोंफ और हींग
भारी तले का पैन गरम कर लीजिये, सूखे आंवले को पैन में डालिये और धीमी गैस पर 2-3 मिनिट तक चलाते हुये भून लीजिये, इन्हैं दूसरी प्लेट में निकाल लीजिये.अब पैन में मरोड़ फली डालिये और चलाते हुये धीमी गैस पर भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये. अब पैन में बायविरंग डालिये और धीमी गैस पर 2 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये. अब बड़ी इलाइची और पीपर पैन में डालिये और लगातार चलाते हुये 2 मिनिट तक भून कर इसी प्लेट में निकाल लीजिये. अब पैन में जीरा, सोंफ और अजवायन डालिये और 1 मिनिट धीमी आग पर भून लीजिये, हींग भी इसी में डालकर और 1 मिनिट भून लीजिये, और इसी प्लेट में निकाल लीजिये.

बचे हुये मसाले बिना भूने ही मिलाने हैं: सादा नमक, काला नमक, सेंदा नमक, छोटी इलाइची, खाने वाला नौसादर और छोटी इलाइची.
बड़े मसाले खल्लड़ से कूट कर थोड़ा छोटा कर लीजिये, ताकि वे मिक्सर से आसानी से पीसे जा सके. बड़ी हर्र, हल्दी और सोंठ को टुकड़ो में तोड़ लीजिये. बहेड़े को तोड़कर उसकी गुठली हटा दीजिये.
कुटे मसाले जार में डालिये और साथ में आधा सादा नमक डालिये और मसाले को बारीक पीस लीजिये. पिसे मसाले किसी बड़े बर्तन में निकाल लीजिये. अब रोस्टेड मसाले लीजिये और नमक मिलाकर बारीक पीस लीजिये और इन्हैं भी उसी प्याले में निकाल लीजिये, बिना भुने मसाले भी नमक के साथ में बारीक पीस लीजिये और इसी प्याले में निकाल लीजिये. सारे पिसे मसाले अच्छी तरह मिला लीजिये
मसाले को मोटी छलनी में छानिये, और छलनी के ऊपर अधिक मोटे बचे मसाले फिर से पीस कर बारीक करके मिक्स कर दीजिये. लीजिये बुकनू तैयार है. तैयार बुकनू को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 6 माह तक खाते रहिये.
सुझाव:
अलग अलग लोग बुकनू को अलग अलग तरीके और इन्ग्रीडियेन्टस से बनाते हैं, कुछ लोग अधिक मसाले डालते हैं और कुछ लोग कम मसाले डालकर बुकनू बनाते है. आप बुकनू बना रहे हैं और अगर कोई इन्ग्रीडियेन्ट न मिले तो उसके बिन ही बुकनू बना सकते हैं.
कमेंट (68)
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निशा: आमी जी, बुकनू को 6 महिने तक बाहर रख कर खाया जा सकता है.
निशा: वंदना जी, वायविरंग भी पुरानी बड़ी किराना स्टोर पर मिल जाता है, जहां से आपने सारा सामान खरीदा है, उन्हैं बोल कर भी इसे मगवाया जा सकता है, और नहीं मिल रहा है तो इसे छोड़ कर भी बुकनू बनाया जा सकता है.
मुझे चॉकलेट फ्लेवर में खारिसिंग बनाने की रेसिपी बताएगा प्लीज़्.
निशा: दृष्टि जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
bahut bahut dhanyavad
निशा: राजेश जी, आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: वंदना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: किरन ये चीजें बड़ी किराना शोप कर मिल जाती है, जो आयुर्बेदिक जड़ी बूटियां बेचते हैं.
mein barson se buknu ki recipe dhoond rahi thi aaj usko serch karne par aap ki website ka pata challa. mere liye toh yeh jagah alibaba ka khazana nikla. Ma'am kya uttarpradesh ke cuisine mein hum is masale ko use kar sakte hein.
warm regards
निशा: jibrail ji, आपको भी मेरा बहुत बहुत धन्यवाद.
Luv ur smile.
आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा. हम आपके जबरदस्त फैन हैं.
नमस्ते एवं शुभकामनाएं !
Very nice of you to answer me. Thank you very much.
Harad is same as Harde
Byberang is same as wavding generally known in Gujarat
Marad Fali, Nausadar do you have any alternate name or equivelant name in Gujarati.
and is piper the same as piparimul.
I also request you to give recipe for masal used for chivda which made in Mathura
निशा: अतुल, हर्र यहीं है, और वायविरंग भी यही है, मरोड़ फली, नौसादर के नाम से ही जाने जाते हैं और पुराने और बड़े किराना स्टोर पर आसानी से मिल जाते हैं.
निशा: बीना, कच्चे आम के पल्प को निकाल कर खटाई दाल में डाल सकते हैं, या यही पल्प सुखा कर सूखी आम की खटाई पानी में भिगो कर दाल में डाली जा सकती हैं.
निशा: अल्का, जी हां किया जा सकता है.
I hv heard a lot about buknu. but i cant get it from market because i m residing in Haryana. Can u tell me any method that i can purchase the buknu by sending money to someone who is selling it or can u give any address to whom i can contact
निशा: संजीव जी मुझे किसी बुकनू सेलर का पता नहीं मालुम, आप चाहें तो रैसिपी से घर में बुकनू बना सकते हैं, सारे सामान बड़े किराना स्टोरा पर आसानी से मिल जाते हैं.
निशा: अजीजा, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: वायविरंग, आयुर्वेदिक इन्ग्रीडियेन्ट है, गोल काली मिर्च से आकार में छोटा, काली मिर्च के कलर का, लेकिन स्मूथ स्किन का होता, जो आयुर्वेदिक इन्ग्रीडियेन्ट बेचते हैं, उन दुकानों पर मिल जाता है.
mujhe mere nani ke ghar ki yaad aa gai...ham log wahaan achaar ke tel ko paratha par lagakar phir Buknu daalkar roll banakar khaate the............:)
निशा: रेनू, मेंने भी बुकनू नानी के घर में ही खाया था, बहुत बहुत धन्यवाद.