मूंग की दाल की बड़ी / मंगोड़ी - Moong Badi Recipe - Moong Dal Mangodi Recipe

पहले दाल की बड़ी (Dal badi) घर पर ही बनाते थे क्योंकि बाजार में ये बड़ियां नहीं मिला करती थी, मिलती भी थी तो काफी महंगी और कुछ मुख्य
दुकानों पर ही मिल पाती थी उनकी क्वालिटी भी घर में बनी जैसी बड़ियों जैसी नहीं होती थी, लेकिन आज के समय में बाजार में विशेष रूप से महिला उद्योग संस्थानों द्वारा बनाई गई बड़िया, आलू चिप्स और पापड़ मिल जाते हैं.
हम यहां मूंग दाल की बड़ियां बना रहे हैं, लगभग इसी तरह सभी प्रकार की बड़ियां बनाई जाती हैं, आपको अपने स्वाद के अनुसार सामग्री लेनी होगी: जैसे उरद की दाल की मसाले वाली बड़ी (Urad Dal Masala Badi), चने की दाल की बड़ी (Chana Dal badi), चने की दाल की बड़ी लौकी या पेठा फल डाल कर भी बनाई जाती हैं. बड़ियों को आप अपने अनुसार छोटी या बड़ी बना सकती हैं,
छोटी आकार की बड़ियां जल्दी सूख जाती हैं, बड़े आकार की बड़ियां देर से सूखती हैं लेकिन बड़े आकार बड़ी जल्दी जल्दी तोड़ ली जाती हैं वहीं छोटी बड़ियों को तोड़ने में समय अधिक लगता है.
मूंग की दाल छिलके वाली या धुली दोनों दालो से बड़ियां बनाई जाती हैं. छिलके वाली दाल का स्वाद कुछ ज्यादा अच्छा होता है लेकिन धुली दाल से बनी बड़ियां भी अच्छी बनती हैं. हम अभी धुली मूंग दाल से ये बड़ी बना रहे हैं.
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आवश्यक सामग्री -Ingredients for Moong Dal Badi
- मूंग दाल - 1 कप
- तेल - 2 छोटी चम्मच
- हींग - 1 पिंच
विधि - (How to make Moong dal Badi )
दाल को साफ कीजिये और साफ पानी से धोकर पीने वाले पानी में 4 घंटे के लिये भिगो दीजिये. दाल का अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये और बिना पानी डाले थोड़ी दरदरी दाल पीसिये, ज्यादा बारीक पिसी दाल से बनी बड़ी ठोस हो जाती हैं.
पिसी हुई दाल को किसी बड़े बर्तन में निकालिये, हींग को 1 छोटी चम्मच पानी में घोलिये और दाल में मिला दीजिये, दाल को 4-5 मिनिट तक खूब फैटिये, ये दाल बड़ी बनाने के लिये तैयार हो गई है.
सूखी साफ थालियों में तेल लगाकर चिकना कर लीजिये. हाथ में जितनी दाल आसानी से आ जाय ले लीजिये बिलकुल उसी तरह जैसे आप पकोड़े बनाने के लिये बेसन या दाल का पेस्ट उठाती हैं. उंगलियों की सहायता से थोड़ा थोड़ा दाल का पेस्ट गिराइये. बराबर दूरी पर और बराबर की बड़ियां बनाने के लिये तो आपको प्रेक्टिस करनी होगी, बड़ियां यदि छोटी बड़ी होंगी तो भी स्वाद में कोई फरक नहीं होगा. जितनी दाल की बड़ियां एक थाली में आ जाय उतनी बड़ियां बना लीजिये, थाली भरने के बाद दूसरी थाली में बड़ियां तोड़िये. सारी दाल का पेस्ट करने के बाद बड़ियों से भरे थाल धूप में रखिये.
अगर तेज धूप है और आपने ये बड़ियां सुबह ही बना दी है तो शाम तक काफी हद तक सूख जाती हैं (बड़ियां सुबह ही बनाई जाती है ताकि दिन भर की धूप में सूख सकें). सूखकर थाली से बड़ियां आसानी से निकल आती हैं, दूसरे दिन आप उन्हैं एक ही थाली में डालकर सुखा लीजिये.
मूंग की दाल की बड़ियां सूख कर तैयार हो गई हैं, आप इन्हैं साफ और सूखे कन्टेनर में भर कर रख लीजिये. जब भी आपका मन करे 6 महिने तक कन्टेनर से आवश्यकतानुसार बड़ियां निकालिये और बड़ियों से सब्जी बना लीजिये.
सावधानियां
- बड़ियों को अच्छी तरह सुखा कर ही भरिये, नहीं तो वे खराब हो जायेंगी.
- दाल को बहुत ज्यादा घंटो तक भिगोने से बड़ियों का स्वाद उतना अच्छा नहीं बनता.
कमेंट (51)
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Hello Nisha Ji, Maine aapki recipe se first time moong dal wadi banayi or vo dekhne Mai intni sunder bani ki man khush ho Gaya. Lekin jab sabji banai to vo ekdum toot gayi ek Bhi sabut Nahi rahi ! Please bataiye ki Maine Kya galti ki. Jab next time banau to Aisa na ho.. Thank you so much for your wonderful and easy recipes!!
निशा:मिथलेश जी, आपने बहुत अच्छी बड़ियां बनाई हैं, वे एकदम सोफ्ट है, जो दाल को यदि अच्छा फैट कर वड़ी बनायें तो सोफ्ट वड़ी बनती हैं, आप इसे कम फैंटेंगे तब ये इतनी सोफ्ट नहीं बनेंगी.
निशा: पूनम जी, बहुत बहुत धन्यवाद. आप इसी तरह हमारे साथ बनी रहें.
निशा: रूपाली जी, आप इसे बना सकती हैं.
निशा: मानसी जी, धन्यवाद.
Namaste
Kya period time mein moong vadi banane se kharaab ho jati hai?
निशा: सोनू जी, एसा सुना जाता है कि मूंगवड़ी, दाल के पापड़ और अचार इस समय नहीं बनाने चाहिये, मुझे एसा लगता है इन चीजों को काफी दिन तक रख कर खाया जाता है, इनके लिये सफाई का बहुत अधिक ध्यान रखना होता है, तो आप इन चीजों को इस समय न बनायें तो अच्छा है.
निशा: हामिद जी, हम जल्दी ही इसकी रेसिपी पोस्ट करेंगे.
निशा: रिम्मी जी, हां इसमें स्वादानुसार नमक भी डाल सकते हैं.
निशा: नज़मा जी, बहुत बहुत धन्यवाद. मूंग दाल मगोड़ी बिना नमक के ही बनाई जाती हैं, आप चाहे तो हल्का सा नमक डाल सकती हैं.
निशा: चंचल जी, धन्यवाद.
निशा: प्रीती जी, दाल को 2 घंटे पहले भिगोयें, पीसें और तुरन्त वड़ी अच्छी धूप में डालें, वड़ी सुबह जल्दी बन जायें ताकि पूरे दिन की धूप में अच्छी सूख सकें, सारी चीजें प्रोपर होंगी तो वड़ी का कलर अच्छा आयेगा.
निशा: तनु जी, ये बिना मसाले के ही बनाई जाती है.
निशा: मंजू जी हां डाला जा सकता है.
निशा: रामेश्वर जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: राजकुमार, चने की दाल की वड़ियां भी बनाते हैं.
Mera question he ki koi ESA procedure he jis se bina dhup ke he ya Kam dhup me magode bnaye ja sake or WO bhe kharab na ho , or wese he teyaar ho jese dhup me hotel he.
Plz tell me.
निशा: शिवम जी, मंगोडी़ के लिए तेज धूप होना अच्छा रहता है इससे वो अच्छे से सूख कर तैयार होती हैं. कम धूप में बन सकती हैं लेकिन समय अधिक लगता है.
मैडम हम चावल ओर चोला की धुली दाल बराबर मिलाकर मंगोडी बनाते है दो दिन सुखाते हे। गरमिओ के मौसम मे जब तेज धूप निकलती हे उस समय की बनी मंगोडी दस बारह दिन बाद तेज गरमी के कारण लाल रंग की होने लगतीहै। इसी तरह बारिश के समय कम धूपरहने से मंगोडी में नमी रहने पर भी मंगोडी लाल होनेलगती हे ज्यादा नमी से फंगस आता है जबकि अक्टूबर मे बनाया माल फरबरी तक लाल नही होता हे इसके अलावा फरवरी सितम्वर की बनी मंगोडी डेड से दो महिने बाद लाल होने लगती है।। मंगोडी को पीला कलर देने को हम निबुआ रंग डालते । कृपया मंगोडी लाल न हो उपाय बतायें
Namaste Nishaji,
Apki vadi banane ki recipe tou bahut hi asan hai. Main bhi banana chahti hu per mere paas dhoop mein sukhane ka option nahin hai. Tou altenative bataiye vadi todne ka baad kaise sukhau. Kya inhe oven mein bake kar sakte hain sukhane k liye?
निशा: नेहा जी हां अवश्य कर सकते हैं.
दाल के घोल मे अौर कौन से मसाले डाल सकते हैै
निशा: पंकज जी, यदि मसाला वड़ी बनाना चाहते हैं तो इसमें धनियां पाउडर और लालमिर्च पाउडर डाल सकते हैं.
Ma'm kya ye badiya khali chane dal k banaye ja sakte hain? moong ki dal zaroori hai kya?</span>
निशा: दीपक जी हां मैं इन्हैं बनाने की कोशिश करती हूँ.
निशा: कोमल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: कृ्ष्णा, मैं पापड़ बनाने की रेसिपी लिखूंगी, धन्यवाद.
निशा: नीलम अवश्य मिला सकते हैं, 1 कप मूंग दाल के पेस्ट में, 1 छोटी चम्मच अदरक का पेस्ट, 1 पिंच हींग, आधा छोटी चम्मच जीरा मिला लीजिये.