हरे धनियां की खस्ता मठरी – Dhania Masala Mathari Recipe

हरे धनिये की खस्ता मसाला मठरी (Masala Mathari) साधारण मठरी के मुकाबले बहुत ही स्वादिष्ट बनती है. साधारण मठरी सिर्फ अजवायन डालकर बनाते हैं लेकिन यह खस्ता मसाला मठरी हरा धनिया को मैदा में गूंथकर बनाते हैं. मसाला मठरी सामान्य मठरी के मुकाबले में अकार में कुछ मोटी होती है लेकिन बहुत ही अधिक खस्ता होती है. हम इसमें हरे धनिये के स्थान पर पालक या मैथी के पत्ते भी मिलाकर बना सकते है. धनिये, पालक (Spinach Masala Mathri) या मैथी (Fenugreek Masala Mathri) तीनों तरह की मठरी का स्वाद मजेदार लेकिन एक दूसरे से अलग होता है. तो आज बनाते हैं छोटी धनिये की खस्ता मठरी.
Read this recipe in English - Dhaniya Mathri Recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Dhania masala Mathari
- मैदा- 2 कप
- जीरा- ½ छोटी चम्मच
- नमक- ½ छोटी चम्मच
- अज़वायन- ½ छोटी चम्मच
- काली मिर्च- ¼ छोटी चम्मच (दरदरी कुटी हुई)
- तेल- ¼ कप और मठरियां तलने के लिए
- हरा धनिया- ¾ कप (बारीक कटा हुआ)

विधि : How to make Coriander leaves Masala Mathri
मैदा में नमक, जीरा, अजवायन, काली मिर्च, तेल और कतरा हुआ हरा धनियां डालकर अच्छी तरह मिलाइये.
पानी की सहायता से सख्त आटा गूंथ लीजिए. आटे को 2 से 3 मिनिट तक मसल मसलकर चिकना कर लीजिए. गुथे हुए आटे को सैट करने के लिये 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
आटा सैट होने पर गुथे हुये आटे से बराबर की छोटी छोटी लोइयां बना लीजिये. एक लोई उठाइये, हथेली पर रखिये और दूसरे हाथ से दबाकर बड़ा लीजिये. अधिक पतला मत कीजिये. सारी लोइयों को इसी तरह दबा कर मठरी तैयार कर लीजिये.
कढ़ाही में तेल डालकर गरम कीजिये. थोड़ा सा आटा तेल में डालकर चैक कीजिए, यह सिककर तुरंत ऊपर आना चाहिए. गरम तेल में एक-एक करके मठरियां बनाकर जितनी मठरियां आ कढ़ाही में आ जाएं उतनी डाल दीजिए. इन मठरियों को मीडियम और धीमी आंच पर तल लीजिये.
जैसे ही मठरियां तैरकर ऊपर आ जाएं, इन्हें पलट दीजिए और अच्छे गोल्डन ब्राउन और खस्ता होने तक तलिए. एक बार की मठरी तलने में 12 से 13 मिनिट लग जाते हैं. तली हुई मठरियां निकालकर थाली या प्लेट पर रखिये. बची हुई मठरियां फिर से डालिये और तलिये. सारी मठरियां तलकर इसी तरह तैयार कर लीजिये.
आप इन्हें अभी तो चाय के साथ खा ही रहे हैं, बची हुई मठरियां ठंडी होने के बाद, एअरटाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिये, जब भी आपका स्नेक्स खाने का मन हो, डिब्बे से ये धनियां खस्ता मठरियां निकालिये और गरमा गरम चाय के साथ खाइये. ये मठरियां आप 2 महिने भी रख कर खाइये हमेशा ही स्वादिष्ट लगेंगी.
सुझाव
अगर तेज आंच पर मठरियों को तला जाए, तो ये बाद में नरम हो जाती हैं. मठरियों को मीडियम-धीमी आंच पर तलें.
कमेंट (96)
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bahut swad bani hai mathi
निशा; मैदा गूथते समय मोयन कम डाला जाय तो मठरी सख्त बनती हैं.
निशा: नरगिस, 500 ग्राम मैदा लगभग 5 कप के बराबर होगी, कप के हिसाब से ये माप में एडिट कर दे रही हूँ.
निशा: प्रती़क्षा, आटा में मोयन पर्याप्त मात्रा में डालें, मठरी के आटे को सख्त गूथें, मठरी को मीडियम और धीमी आग पर तलें. रैसिपी को फिर से पढ़कर, ध्यान दीजिये और बनाइये, आपकी समस्या दूर हो जायेगी और आप अच्छी मठरी बना पायेंगी.
निशा;प्रभजोत, मठरी का आटा लगाते समय, मोयन कम डाला जाय तब मठरी सख्त बनती हैं.
निशा: सीमा, धन्यवाद.
निशा: आप बिलकुल आटे से खस्ता मठरी उसी तरह बना सकती हैं जिस तरह मैदा से खस्ता मठरी बनाई जाती हैं.
Thanks 4 putting so mch effort
apse ek request hai please mujhe south indian dishes bataie mene pahle bhi kaha hai please paease meri faimily south indian hai please isko padiye aur ans kijiye please
Dhaniya Vadi ki recdipe bataye
निशा: पूजा आप आटे से भी ये खस्ता मठरी बना सकती हैं.