गुड़पारे - Gur Para Recipe - Gudpara Recipe

गुड़, तिल और गेहूं के आटे से बने गुड़पारे का स्वाद शकरपारे से अलग होता है. सर्दियों में तो यह और भी अधिक पसंद आता है.
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आवश्यक सामग्री Ingredients for Gur Para Recipe
- आटा - 2 कप (300 ग्राम)
- सूजी - ½ कप (90 ग्राम
- गुड़ - ½ कप से थोडा़ ज्यादा (125 ग्राम)
- घी - ¼ कप से थोडा़ ज्यादा (70 ग्राम)
- तिल - 3 - 4 टेबल स्पून
- तेल - तलने के लिए
विधि - How to Make Gud Pare
गुड़ को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लीजिये, गुड़ के टुकड़े और 1/2 कप पानी एक भगोने में डाल कर गरम कीजिये, चमचे से चलाते हुए सारा गुड़ पानी में अच्छे से घुलने पर गैस बंद कर दीजिए. गुड़ के सीरप को थोडा़ ठंडा होने दीजिए और छान लीजिए ताकि इसमें अगर कोई गंदगी हो तो वह निकल जाए.
बडे़ प्याले में आटा निकाल लीजिये. इसमें सूजी, तिल और घी डालकर अच्छी तरह मिलाइये और गुड़ के पानी की सहायता से पूरी के आटे से थोडा़ सख्त आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए. आटे को 15-20 मिनिट, सैट होने के लिये, ढककर रख दीजिये.

आटा सैट होने के बाद आटे से एक बडी़ सी लोई तोड़ कर तैयार कर लीजिये, लोई को गोल करके चकले पर रखकर पेडे़ का आकार दे दीजिये और आधा सेंटीमीटर की मोटाई में बेलकर तैयार कर लीजिये. अब कटर की मदद से 1-1 इंच के गुड़ पारे काट कर तैयार कर लीजिए .

कढ़ाई में तेल डालकर गरम करने के लिये रख दीजिये, तेल के मिडियम गरम होने पर इसमें गुड़ पारे डाल दीजिए. जितने गुड़पारे कढा़ई में एक बार में आ जाएं डाल दीजिये. मध्यम और धीमी आग पर पलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक, तल लीजिये. तले गुड़ पारे को प्लेट में निकाल कर रख लीजिये. इसी तरह दूसरी लोई बनाकर, बेलकर, गुड़पारे काट कर, इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिये.
स्वादिष्ट और कुरकुरे गुड़ पारे बनकर तैयार है, गुड़पारे अच्छे से ठंडा होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख दीजिए और 1 माह तक खाते रहिये.
सुझाव
- आटे में गुड़ और घी की मात्रा का ध्यान रखें. अगर ये ज्यादा हो जाए तो गुड़ पारे सही से नहीं बन पाते या तलते समय फट सकते हैं.
- आग बहुत धीमी होने पर भी गुड़ पारे फट सकते हैं.
कमेंट (26)
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निशा: किरण जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: मोना जी, गुडपारे में गुड़ या घी की मात्रा अधिक होने से एसा हो सकता है, तेल ठंडा हो तब भी एसा हो सकता है, आग तेज करके तेल या घी को थोड़ा और गरम करें और थोड़े से गुड़पारे तल कर ट्राई करें, अगर अच्छे तले जा रहे है तब प्रोब्लम सोल्व और अगर बिखर रहें हैं तब मिश्रण में थोड़ा और आटा मिलायें और गुड़पारे बनायें बहुत अच्छे गुड़पारे बनकर तैयार होंगे.
निशा: सीमा जी, गुड़पारे के ज्यादा तल जाने (over fry hone) से ऎसा हो जाता है.
निशा: कंवल जीत जी, हां आप सही कह रहे है, ज्यादा मोयन या ज्यादा गुड़ होने के कारण एसा होता है, आटे में थोड़ा आटा मिलाकर गूंथ लीजिए, अच्छे गुड़पारे बनेगे, पारे तलते समय तेल या घी मीडियम से थोड़ा अधिक गरम हो ठंडे घी में डालने से भी पारे टूट सकते है.
thank you
pawan
निशा: पवन जी हां बनाने की कोशिश करूंगी.
Mam tel konsa use karna hai sarson ka???desi ghee main bhi fry kar sakte hai??
निशा: निशा जी, देशी घी में बने गुड़पारे बहुत अच्छे लगते हैं.
mam mere paas gud bahut sara rakha hai jisme pata nahi kaise safed rang ka parat chadh gaya hai...kya gud kharab ho gaya hai.?? kya ise theek kiya ja sakta hai?? please batayen mam gud itna jyada hai ki mujhe gharwalo ko batane me bhi darr lag raha hai...please help me!!!!
निशा: अनुप्रिया जी, बारिश के मौसम में गुड़ इस तरह का हो जाता है, आप चाकू से खुरच कर ऊपरी परत को हटा दीजिये और साफ कपड़े से पोछ कर इसे यूज कर सकती हैं.
thank you mam ye recipe bhut achi lagi mera bhut man tha ye khane ka m pregnant hu so thanks this recipe
निशा: पूजा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: परमजीत जी, तेल मीठा नहीं होता है, बचे तेल को परांठे बनाने में या सब्जी बनाने में दूसरी चीजें तलने में यूज कर सकते हैं.
Very Simple, Delicious dishes with simple language.
You ROCK Madhulikaji
निशा: अजित जी, गुड़ पारे में सोडा मिलाने की आवश्यकता नहीं है. ये बिना सोडा के ही बहुत अच्छे बनते हैं.
my self vandu or mene aaj first time aapki recipes dekhi h or try b krungi .
thank you
निशा: वंदना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सक्सेना जी, ये कप मेजरमेन्ट के लिये स्टैन्डर्ड साइज के होते हैं, किसी भी बर्तन वाले के दुकान से मिल जाते हैं. एक कप में 250 मि.ली. पानी आ जाता है.
निशा: प्रिया जी, गुड़ पारे में अरारोट तो नहीं डाला गया है, आप किस रेसिपी में अरारोट या कार्न फ्लोर डाल रही है, ये दोंनो अलग अलग चीजों से बने हुये स्टार्च हैं, अरारोट की जगह कार्न फ्लोर और कार्न फ्लोर कि जगह अरारोट यूज किया जा सकता है, लेकिन व्रत के लिये सिर्फ अरारोट का यूज कर सकते हैं.
bas eak confusion rehta hai
ab hm exact qty. to nai le pate aur store me b itni km qty. nai mil pati. to aap pls ye confirm kre ki aap jo cup size leti hai wo tea cup hi hota hai becoz tea cup = 100gms.
to 2cup aata 300gms. k brabar hota hai ? & 1/2 cup = 125 gms ?
pls meri is problem ka solution jrur btaye.
निशा: विनोद जी, टी कप तो छोटे बड़े अलग अलग साइज में होते हैं. बाजार में मेजरमेन्ट कप बर्तन की शौप पर मिल जाते हैं, वह आप ला सकते हैं, कप से नापने पर हर चीज की ग्राम में मात्रा अलग अलग होती है.
निशा: प्रिया जी, छैना को मसल कर चिकना किया जाता है, तभी रसगुल्ले बनते हैं. छैना को अच्छी तरह पानी निकलने तक निचोड़ लिया जाय और फिर मसल कर चिकना कीजिये, रसगुल्ले बनेंगे. छैना के लिये दूध ताजा गाय का या ताजा भैंस का या फिर अमूल का फुल क्रीम दूध लीजियेगा.
निशा: प्रिया जी, अरारोट एरोरूट प्लान्ट की जड़ों से बना हुआ स्टार्च है और कार्नफ्लोर मक्का से बना हुआ स्टार्च है, दोनों स्टार्च हैं.
I'm interested to make new new recipies....I'm following u just 1 year & nw i learn lot of things guidence of ur.
Thank u nisha mam
निशा: अल्का जी, ये मेरे लिये बहुत खुशी की बात है, कि मेरा ये काम आपके काम आ रहा है, बहुत बहुत धन्यवाद.
nisha ji chashni wale gud pare kase bnte h ??
निशा: स्वाति जी, चाशनी वाले गुड़ पारे बनाने के लिये गुड़ को आटे में नहीं डालेंगे, आटा घी डालकर गूंथ लेंगे, और बेल कर काट कर, तल कर तैयार कर लेंगे. गुड़ की चाशनी बनाकर तले हुये पारे पर चड़ायेंगे, और इकहरे करके सुखा देंगे, चाशनी चड़े गुड़ पारे बन जायेंगे.
Thank you very much for all the delicious recipes. Mai apki lagbhag sabhi receipes dekhti hu & try b krti hu aur eak dum perfect bn b jati hai.
bas eak confusion rehta hai
ab hm exact qty. to nai le pate aur store me b itni km qty. nai mil pati. to aap pls ye confirm kre ki aap jo cup size leti hai wo tea cup hi hota hai becoz tea cup = 100gms.
to 2cup aata 300gms. k brabar hota hai ? & 1/2 cup = 125 gms ?
pls meri is problem ka solution jrur btaye.
Waiting for your positive response.
निशा: ज्योति जी, टी कप तो कितने ही साइज में आते हैं, रेसिपीज के लिये मेजरमेन्ट कप आते हैं, उससे नापते हैं. प्रत्येक आटे का मेजर मेन्ट अलग अलग होता है, जैसे गेहूं का आटा 1 कप में 150 ग्राम आता है, जबकि बेसन 1 कप में 100 ग्राम आता है. मेजरमेन्ट कप प्लास्टिक के बर्तन की दुकान पर य़ा स्टील बर्तन की दुकान पर मिल जाते हैं.