घेवर बनाइये – Ghevar Recipe

सावन और राखी के त्यौहार की विशेष मिठाई घेवर (Ghevar Sweet) है. हम तो अपने देश में है इसलिये हमें घेवर आसानी से मिल जाता है, लेकिन जो देश से बाहर है, उन्हें घेवर मुश्किल से मिलता है घेवर आप घर पर भी बना सकते है, दिखने में एसा लगता है कि इसे बनाना मुश्किल होगा लेकिन है बड़ा आसान. आईये हम आज घेवर बनायें
आपने बाजार में घेवर बनते देखा है? घेवर बनाने के लिये स्पेशल कढ़ाई प्रयोग में लाई जाती है जिसका तला समतल होता है, जो करीब 12 इंच गहराई और 5-6 इंच चौड़ाई की होती है. बाजार में घेवर बनाने के लिये तो समतल तले की बड़ी कढ़ाई होती है और उसमें छ्ह इंच उंचे बेलनाकार गोले डाले जाते हैं, घी भरी कढाई में ये गोले पड़े रहते हैं और इन्हीं गोलों में घोल डाल कर घेवर तला जाता हैं, लेकिन अभी आप इन्हें भूल जाईये.
घेवर घर पर सामान्य भगोनी या घर की कढ़ाई में बहुत अच्छी तरह से बनाया जा सकता है.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Ghevar Sweets
- मैदा - 250 ग्राम (2 कप)
- घी - 50 ग्राम ( 1/4 कप)
- दूध - 50 ग्राम (1/4 कप)
- पानी - 800 ग्राम ( 4 कप)
- घी या तेल - घेवर तलने के लिये
चाशनी बनाने के लिये

- चीनी - 400 ग्राम( 2 कप)
- पानी - 200 ग्राम (1 कप)]
विधि - How to make Ghevar
मैदा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिये, घी को किसी बड़े बर्तन में डाल लीजिये और बर्फ डालकर हाथ से फैटिये, फैंटते फैंटते घी की जब क्रीम जैसी बन जाय तब बर्फ के टुकड़े निकाल कर हटा दीजिये और घी को एक दम चिकनी क्रीम बनने तक फैट लीजिये, अब इसमें मैदा थोड़ी थोड़ी डालते जाइये और फैटते जाइये, गाढ़ा होने पर दूध मिला दीजिये और थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर खूब फैटिये, मैदा डालते जाइये, सारी मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाइये और फैटिये और चिकना गाढ़ा बैटर बना लीजिये, अब बैटर में थोड़ा थोड़ा पानी डालिये और घोल को खूब फैटिये, घोल में कोई गुठली न रहे और घोल एकदम चिकना हो जाय. घेवर बनाने के लिये घोल तैयार है. घोल की कन्सिस्टेन्सी एकदम पतली हो कि चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे.
कढ़ाई में करीब आधा से कम ऊचाई तक घी भर कर गरम कीजिये, घी अच्छी तरह गरम होने पर यानी मैदा की कोई भी बूंद घी में गिरे तो वह तुरन्त ऊपर उठकर तैरने लगे. मैदा का घोल किसी चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिये, घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं,
दूसरा चमचा घोल डालने के लिये 1-2 मिनिट रुकिये, घी के ऊपर झाग खतम होने दीजिये, अब फिर से दूसरा चमचा घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घोल घी में डालिये, आप देखेंगे कि घी फिर से झाग से भर जाता है, झाग खतम करने के लिये फिर से 1-2 मिनिट रुकिये,.
आप जितना बड़ा घेवर बनाना चाहते हैं उसके हिसाब से उतना घोल आप भगोने में डालेंगे, घोल को भगोने के बीच में डाला जाता है, यह घोल नीचे तले में जाता और तैर कर वापस ऊपर आता है और पहली परत के ऊपर पहुंच कर परत बनाता है, यदि घेवर में बीच में जगह न रहे तो आप किसी चमचे की पतली डंडी या तान से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना सकते है इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक घेवर का आकार सही न हो जाय.
जब पर्याप्त घोल डाल चुके तब गैस की फ्लेम मीडियम कर दीजिये, अब आप घेवर को मीडियम आग पर हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

जब घेवर ऊपर से हल्का ब्राउन दिखने लगे तब घेवर को निकाल कर थाली में रखिये (घेवर को निकालने के लिये किसी लकड़ी या स्टील की पतली छड़, या कलछी को ऊपर से उलटा पकड़ कर उसका प्रयोग किया जा सकता है) घेवर निकाल कर जिस थाली में रख रहे हैं उसके ऊपर एक और प्लेट रख लीजिये, ताकि घेवर से निकला घी उस थाली में इकठ्ठा हो जाय, या थाली को तिरछा कर दीजिये ताकि अतिरिक्त घी थाली में नीचे की ओर निकल कर आ जाय.
सारे घेवर तल कर आप इसी तरह तैयार करके थाली में घेवर एक ऊपर एक रख लीजिये.
घेवर को मीठा करने के लिये 2 तार की चीनी की चाशनी तैयार कीजिये:
किसी बर्तन में चीनी में 1 कप पानी डाल कर गैस फ्लेम पर चाशनी बनने रखिये, उबाल आने के बाद 5-6 मिनिट तक पकाइये, चाशनी को चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराइये, ठंडा होने पर उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये, वह उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये, चाशनी में 2 तार बनने चाहिये, चाशनी तैयार हो गई है.
चाशनी को इतना ठंडा कीजिये कि उसे हाथ से छू सके और एक थाली लीजिये, थाली के ऊपर एक प्याली रख लीजिये, एक घेवर लेकर प्याली के ऊपर रखिये और चाशनी को चमचे से घेवर के ऊपर सारी सतह पर डालिये, चाशनी घेवर को मीठा करती हुई नीचे निकल जाती है, आपको घेवर ज्यादा या कम जैसा मीठा करना हो उसके हिसाब से चाशनी डालते जाइये. एक एक करके सारे घेवर जो आपने बनाये हैं वे मीठे कर लीजिये, अगर घेवर से चाशनी निकल रही हो तो जिस थाली में मीठे घेवर रख रहें उस थाली को तिरछा रखिये ताकि अतिरिक्त चाशनी निकल कर थाली में नीचे की ओर इकठ्ठी हो जाय, या घेवर के नीचे कोई प्लेट रख लीजिये थोड़ी ही देर में घेवर से अतिरिक्त चाशनी निकल जाती है.

ये घेवर हवा में 1 घंटे सूखने दीजिये, अब आपके मीठे घेवर तैयार हैं, आप इन्हैं अभी तो खा ही सकती हैं, और बचे हुये घेवर एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, 2 सप्ताह तक कन्टेनर से घेवर निकालिये और खाइये.
घेवर के ऊपर रबड़ी और कतरे हुये सूखे मेवे लगाकर उसे और अधिक स्वादिष्ट बनाइये:
घेवर में रबड़ी और मेवा की टॉपिंग लगा देने से यह और भी अधिक स्वादिष्ट हो जाता है.
रबड़ी बना लीजिये:
1 लीटर फुल क्रीम दूध को किसी भारी तले के बर्तन में डालकर उबलने रख दीजिये, उबाल आने पर गैस फ्लेम धीमी कर दीजिये और दूध को उबलते रहने दीजिये, थोड़ी थोड़ी देर में चमचे से चलाते अवश्य रहें ताकि दूध तले में न लगे, दूध उबलते उबलते गाड़ा हो जाय यानी अपनी मात्रा का 1/3 रह जाय तब गैस फ्लेम बन्द कर दीजिये, दूध की रबड़ी घेवर पर डालने के लिये तैयार है, इस रबड़ी में 2 छोटी चम्मच चीनी डालकर हल्की सी मीठी कर दीजिये.

बादाम 10 -15 बारीक कतर कर, पिस्ते भी 10-15 बारीक कतर कर और इलाइची 4-5 छीलकर बारीक कूट कर मिला लीजिये.
घेवर के ऊपर एक परत दूध की रबड़ी की बिछाइये और ऊपर से कतरे हुये मेवे डाल दीजिये अब आप इस घेवर (Ghevar) को खाइये और बताइये कि घेवर कितना स्वादिष्ट बना है.

सामान्य घेवर को तो 2 सप्ताह तक रख सकते है लेकिन रबड़ी की टॉपिग लगे घेवर (Ghevar with Rabri Mewa Toping) को आप 2 दिन तक फ्रिज में रख कर खा सकते हैं क्यों कि रबड़ी जल्दी खराब हो जाती है इसलिये जितने घेवर 2 दिन में खाये जा सके, उतने ही घेवर पर रबड़ी की टॉपिंग कीजिये.
सुझाव:
घेवर बनाने के लिये कढ़ाई या भगोनी जो भी ले रहे हैं वह भारे तले की और गहरी होनी चाहिये, घेवर का घोल गरम घी में डालते समय वह एकदम ऊपर आता है, कम गहरा बर्तन होने से गरम घी निकल कर गैस के ऊपर आ सकता है.
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निशा: मोना, धन्यवाद आपने पहली ही बार में घेवर बना लिया.
baby food ke baare main kuch bataiye.
plz sonpapri ki recipe bataiye.
kya hum bhi aap ko koi recipe bhej sakte hai.reply soon plzzzzzzzzzzzzzzzzzzz.
निशा: दीपिका, मेरी कोशिश रहती है कि आप सब के सारे जबाव में दूं, लेकिन कुछ जबाव मुझ से रह ही जाते हैं इसके लिये मुझे खेद है.
बहुत ही छोटे बच्चों के लिये मेरी इस वेवसाइट में अलग से तो कुछ नहीं है. छोटे बच्चे 5 या 6 महिने के बाद बच्चे को ठोस आहार देना शुरू कर ही देते है जो उनके अच्छे विकास के लिये आवश्यक है, इतने छोटे बच्चे को दाल का पानी, चावल के माड़ में चीनी मिलाकर बच्चे को दे सकती हैं, पपीता, चीकू या केला थोड़ा सा मैस करके खिला सकती हैं. बच्चे के लिये मुंग की दाल, दलिया और चावल को बराबर मात्रा में मिक्स करके पतली खिचड़ी बना कर दीजिये, सूजी की पतली खीर बनाकर बच्चे को दीजिये.
दीपिका, छोटे बच्चों के खाने पर मैं जल्दी ही एक लेखा लिखूंगी.
निशा: प्रिया, तेल में बना सकते हैं लेकिन घेवर घी में ही बना स्वादिष्ट लगता है.
निशा: रचना, घेवर के तेल के अच्छे नहीं लगते.
निशा: मुकेश, घेवर के लिये 2-4,5 चमचे घोल घेवर के साइज के हिसाब से डालना होता है.
aapki recepies bahut acchi hain mazaaa aa gaya !!
mera sawaaal sirf yhea hai ki ghewar ko chashni main kab daalna hai ? Kya hum garam ghewar ko chashni main daal sakte hain ? hamara ghewar thoda sa hard reh gaya...kyaa chashni kam rehne se aisa ho sakta hai ?
निशा: निधि, चाशनी तो बराबर होनी ही चाहिये लेकिन अगर मैदा घी की मात्रा कम हो तो भी घेवर सख्त हो सकता है.
निशा: कल्पना, घी मीन्स देशी घी ही है.
आपके बहुत सारे पाठकों कि समस्या ये है कि उन्हें इस बात कि सही जानकारी नहीं है घी वास्तव में कितना गरम हो ताकि घोल उसमें गिरने के बाद पहले निचे जाये और फिर घी कि सतह पर बर्तन के चारों ओर इकठा हो जाए! अगर आप घी का तापमान बता दें तो बेहतर रहेगा!
आपका वेबसाइट अत्यंत उपयोगी है विशेषकर अपर्वाशी भारतियों के लिए!
सादर
राम देसवा
निशा: देसवाजी, घी गरम करें जिस तरह से पूरी तलने के लिये किया जाता है, गरम घी को चैक करने के लिये जरा सा आटा तोड़ कर घी में डाला जाता है, आटा नीचे जाता है और सिक कर तुरन्त Šৠपर आ जाता है और उसी तापमान पर पूरी तली जाती है, उसके तापमान को कैसे बतायें? घेवर के लिये भी सेम तरीका घी गरम कीजिये और घोल डालिये घी पर्याप्त गरम है तो घोल सिक कर तुरन्त किनारों पर इकठ्ठा हो जाता है. घी कम गरम हैं तो घोल बीच में इकठ्ठा होते रहता है. यदि घी अधिक गरम है तब घोल सिक कर जल्दी से किनारे पर पहुंचेगा लेकिन तुरन्त ब्राउन हो जायेगा. मैं इतना कहूंगी कि थोड़ी सी प्रैक्टिस से आप ये सब अच्छी तरह जान जायेंगे.
Thanks for giving us easy and tasty receipes. I hv become big fan of yours, Nishji, I made Ghevar the other day, the taste was ok but that did'nt turned out to be perfect round, as it broke down while frying itself. What to do??
निशा: शशि, ये कमियां बार बार बनाने से दूर हो पाती हैं.
निशा:सरोज, घेवर का घोल पतला घोलिये, आग तेज रखिये, ध्यान दीजिये अगर घेवर ब्राउन होते दिखे तो आग तुरन्त धीमी कीजिये.
Sindhi wali urad ki daal k paapad kaise banaate hain...
Kripya iski Vidhi bhi Post karen....
Dhanyawad.....
Humne Ghevar try kiye par thode hard(kadak) bane the...
Kya kami reh gayi..
gas ki flame ko bhi medium & high kiya tha.. plz give me advice
निशा: रवि, मैदा के घोल में घी कम डाला गया हो, घो गाड़ा हो किसी भी बजह से घेवर सख्त हो सकते हैं.
Aap se ek request hai ki Plss 2 cheeje aur bataye Aate ke ladoo aur malai kofta (White gravy wala)
thank u very much for ur reply. mujhe lagta hai maine yahi galti ki hai, maine aag ko jyada kum nahi kiya tha aur ghevar jaldi ban rahe the, shayad isi vajah se aisa hua. an mae aur dhyan se banaungi aur apko jarur bataungi. thank u once again. aap vakai mae bahut achcha kaam kar rahi hai. apki vajah se kai aurato ko bahut aaram mila hai. mae apse ek vakya share karna chahti hu. mere pados mae ek newly married couple rehne aaye, lady ko khana banana nahi aata tha aur husband khane ka bahut shaukin tha. is baat par unme aaye din ladai hoti thi. ek din mujhse raha nahi gaya aur mae unki ladai rokne pahunch gayee, asli vajah jaan kar maine use apki site ke baare mae bataya aur khud apki site se recipes note karke di, u wont believe uska husband ab khush hai, unki asali dikkat sort out ho gayee apki vajah se so i can only say "HAT'S OFF TO YOU"
निशा: गुरुप्रीति, धन्यवाद.
pehle to thank u very much for such a lovely and useful site. i tried almost all recipes from this site. maine ghevar banaya, vakayi achcha bana aur rabadi ke saath to iska swad aur bad gaya, rabdi bhi maine aap se hi seekh kar banayi, its really yummy, par mere ghevar mae jo dikkat banne ke baad aayee, use kaise theek karu. pehle to 1-2 ghevar mae maida kahi kahi pakodi jaisa ikkada ho gaya aur dusre banne ke baad jab maine unhe sukhaya to vo tight nahi rahe aur pakadte hi tut gaye, aisa chashni mae daalte hue bhi hua. pls. mujhe bataiye ki kaha par kuc hgalat ho gaya aur ghevar baad mae soft kyo ho gaya. pls. reply soon, mujhe apni saasu maa ko ghevar bana kar khilana hai, unka favourite hai ye.
निशा: गुरप्रीति, आपने काफी मेहनत की है घेवर बनाने में 2-3 बार बनायेंगे सारी गलतियां अपने आप ही ठीक हो जायेंगी और अच्छा घेवर बना सकेगी, सिर्फ आग को कन्ट्रोल कर लीजिये, धीमी आग पर देर तक घेवर को सिकने दीजिये, वह मुलायम नहीं होंगे.
निशा: रुचि, आप आग को कन्ट्रोल कीजिये, मैदा के घोल को बहुत ही पतली धार में डालिये.
mene ghevar banaane ki koshis ki par jaali nahi banti or ghee paryaapt garam hone par bhi beech mai ekatrit ho jaata hai. krpya bataaiye ki mai kese aapke jese achhe ghevar bana sakti hu.
Dhanyavaad
Ritu
निशा: रितु, मैदा का घोल पतला होना चाहिये, वीडियो को देखिये बहुत ही पतली धार से उसे डाला गया है, बीच बीच में घी का तापमान कम होता है तो थोड़ा रोक कर घोल घी में डाला जाता है, ये आप फिर से बनायेंगी तो पहले से अच्छा कर पायेगी.