आलू की कचौड़ी – Aloo Kachori Recipe

आफिस की छुट्टी या बच्चों के स्कूल की छुट्टी हो, सुबह के नाश्ते में कुछ अलग होना ही चाहिये. तो क्यों न छुट्टी के दिन हम आलू की कचौड़ी बनायें, क्या ख्याल है आपका?
आलू की कचौड़ियां (Aloo Kachori) खाने में जितनी अधिक स्वादिष्ट होती हैं, बनाने में उतनी ही आसान हैं. अगर आप पिकनिक पर जा रहे हैं, तो भी इन्हैं बनाकर ले जाइये, ये (Alu Kachori) वहां भी आपको बहुत अच्छी लगेगी. तो आइये आलू की कचौड़ी बनाना शुरू करें.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Aloo Kachori
- कचौड़ी के लिये आटा तैयार करने के लिये:
- मैदा या आटा - 300 ग्राम (तीन छोटी कटोरी)
- नमक - स्वादानुसार( आधी छोटी चम्मच )
- खाना सोडा - एक चौथाई छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
- तेल - 2 टेबिल स्पून

कचौड़ी के अन्दर आलू भरने के लिये :
- आलू - 300 ग्राम (5-6)
- तेल - एक टेबिल स्पून
- जीरा - आधा छोटी चम्मच
- धनियां पाउडर - 1 1/2 छोटी चम्मच
- हरी मिर्च - 2 (बारीक कतर लीजिये)
- अदरक - 1 1/2 इंच लम्बा टुकड़ा(कद्दूकस करलीजिये)
- अमचूर पाउडर - आधा छोटी चम्मच
- गरम मसाला - एक चौथाई छोटी चम्मच
- नमक - आधा छोटी चम्मच
- तेल - कचौड़ीयां तलने के लिये
विधि - How to make Aloo Kachori
सबसे पहले आलू को कुकर में उबालने के लिये रख दीजिये. जब तक आलू उबलेंगे तब तक हम कचौड़ी का आटा लगा लेते हैं.
मैदा और सूजी को किसी बर्तन में छान लीजिये, नमक और बेकिंग सोडा डालिये, तेल भी डाल दीजिये और हाथ से इन सभी को अच्छी तरह मिला लीजिये.
गुनगुने पानी की सहायता से नरम आटा (जैसा चपाती बनाने के लिये गूथा जाता है) गूथिये. आटे को ढककर आधा घंटे के लिये रख दीजिये.
कुकर से आलू निकाल कर छील लीजिये. आलू को बारीक तोड़ लिजिये, एक छोटी कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये. गरम तेल में जीरा डालिये, जीरा भुनने के बाद, धनियां पाउडर, हरी मिर्च, अदरक, आलू, नमक डाल कर आलू को चमचे से चलाते हुये 2-3 मिनिट तक भून लीजिये.
गुथे हुये आटे से थोड़ा सा आटा (1 नीबू के बराबर) तोड़िये. आटे को हथेली पर रखकर, उंगलियों की सहायता से बड़ाइये, उसमें थोड़ी गहराई बनाइये, और एक या डेड़ छोटी चम्मच आलू का मिश्रण उस पर रखिये, उंगलियों की सहायता से चारों तरफ से आटे को उठाकर मिलाइये, दबाकर बन्द कर दीजिये. बन्द कचौड़ी को हथेली पर रखिये, और दूसरी हथेली की सहायता से दबाकर चपटा कीजिये, चकले पर रखकर कम दबाब देते हुये, बड़ा लीजिये. सारी कचौडियां इसी तरह तैयार करनी है.
अब कचौड़ी तलने के लिये, कढाई में तेल डालकर गरम कीजिये. गरम तेल में कचौड़िया डाल कर, मीडियम आग पर, दोंनो तरफ ब्राउन होने तक तलिये.
प्लेट या डलिया में नैपकिन पेपर बिछाइये. कचौड़ियां निकाल कर इस प्लेट में रखिये. सारी कचौड़ियां इसी तरह सेक कर तैयार कर लीजिये. गरमा गरम कचौड़ियां हरी और मीठी चटनी के साथ खाइये.
- चार लोगों के लिये
- समय - 50 मिनिट
कमेंट (178)
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निशा: मीनाक्षी, कचौड़ी में कड़वाहट ज्यादा मिर्च से आ सकती है या फिर मैदा पुरानी रखी हो, किसी भी इन्ग्रीयेन्ट के खराब होने से एसा हो सकता है.
निशा: रश्मि जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: गरिमा, आटे गूथते समय पर्याप्त तेल डालें और सबसे खास बात कचौरी को धीमी आग पर तलें. आलू की कचौरी ठंडी होने के बाद थोड़ी नरम हो जाती है.
hamare rajasthan me bikaneri kachori kafi famous hai unki speciality ye hai ki unka taste kuch khatta meetha sa hota hai or unhe red colour ki khatti methi chatney se khaya jata hai kya aap meri kuch is tarah ki dish banane me madad karogi
निशा: मैं कोशिश करूंगी.
निशा: ईशा, बहुत बहुत धन्यवाद.
recipe ke liye Thanks
kya aap mujhe pizza aur burger banana sikha sakti hai kyoki mere bachcho ko ye bahut pasand hai...vo mujhse jid kar rahe hai....aur garelu vidhi se kyoki mere pas microvave ya oven nahi hai......please reply jarrur kijiye ga.
निशा: ममता जी,पिज्जा की रैसिपी वेबसाइट पर उपलब्ध है,वेबसाइट के होम पेज पर दिये गये सर्च बटन पिज्जा लिखकर रैसिपी सर्च कर सकते हैं, बर्गर की रैसिपी मैं जल्दी ही लिखने की कोशिश करूंगी.
निशा: गीतेश, मसाला कचौरी की रैसिपी मैं जल्दी ही लिखने की कोशिश करूंगी.
निशा: शैफाली, कचौड़ी हल्के दबाब से बेले या हाथ से बढायें. ये बेलते समय फटनी नहीं चाहिये. यदि ये फटीं तो इनकी गर्म हवा तलते समय बाहर निकल जायेगी और यह नहीं फूलेंगी.
इन्हें मध्यम गर्म तेल में तलें.
निशा: आप कचौरी बनाकर इन्हें खुले में रखिये ताकि यह खस्ता रहें. बन्द करके रखने से कचौरिया सॉफ्ट हो जातीं हैं.
निशा: मोनियां, आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा:रश्मि, कचौरी के आटे में मोयन पर्याप्त मात्रा में डालना है, कचौरी को धीमी आग पर एक दम खस्ता होने तक तलना है, एक बार की कचौरी तलने में 8-10 मिनिट का समय लग जाता है, कचौरियों को एकदम ठंडा होने तक खुले हवा में ही रहने देना है.
निशा: रिया, आपको बहुत बहुत धन्यवाद.
Kachori bnate time khul jati hai. Woh na khule aisa kaise ho.
निशा: करन, कचौड़ी को जहां उसको बन्द किया जाता है, उंगली से थोड़ा पानी लगाकर अच्छी तरह चिपका दीजिये, कचौड़ी नहीं खुलेंगी.
निशा: अंकित, धन्यवाद.
Made it just yesterday in the breakfast with apki pudina and meethi chatni...bahut hi badia breakfast tha aur sab ne badi taarif bhi ki...thnx a lot Nisha Ji