कर्ड और योगर्ट में क्या अंतर है?/ What is the difference between curd or yogurt

आप ने कर्ड और योगर्ट का नाम जरूर सुना होगा। नाम सुन कर ही लग रहा होगा की दोनो विदेशी डिश है। भारत में ज्यादातर लोग दही को ही योगर्ट मानते है लेकिन ऎसा कुछ नहीं है। कर्ड और योगर्ट दोनो अलग-अलग है। इन दोनो में ज्यादा अंतर नहीं है। कर्ड और योगर्ट दोनो ही डेयरी उत्पाद है। ये दोनो दूध का अलग-अलग रूप ही है जो दूध को अलग-अलग तरह से खमीर करके तैयार किया जाता है। इस आर्टिकल के द्वारा हम आपको कर्ड और योगर्ट में फर्क बताएगें। 

कर्ड क्या है?

कर्ड यानि की दही। दही के नाम से ज्यादातर लोग आसानी से इसे समझ जानते है। दही सभी लोग बचपन से घर पर बनता देखते आ रहें हैं। दही बनाने के लिए सबसे पहले दूध उबाला जाता है ओर फिर उसे 30-40 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है फिर इसमें एक चम्मच जामन (दही) मिला दिया जाता हैं। जामन कुछ ही समय में दूध को दही में परिवर्तित कर देता है और इसी तरह से दही निर्माण किया जाता है दही खाने से पेट अच्छा रहता है और ये काफी हल्का होता है इसलिए आसानी से पच ज्यादा है दही को एक स्टैण्डर्ड उत्पाद नहीं माना जाता। एक्सपर्टस के अनुसार दही में लैक्टोबैसिलस नाम का बैक्टीरिया होता है जो 30-40 डिग्री के तापमान में तेजी से फैलता है और कुछ ही घंटों में दूध को दही (कर्ड) के रूप में बदल देता है। 

याेगर्ट क्या है?

योगर्ट को ठीक कर्ड की तरह ही बनाया जाता है लेकिन योगर्ट को जमाने में दो तरह के बैक्टीरिया लैक्टोबैसिलस बुल्गारिस और स्ट्रेप्टोकॉकस थर्मोफिलस मदद करते है। ये दोनो बैक्टीरिया मिल कर योगर्ट का उत्पाद करते है। ये दोनो बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होते है। एक्सपर्टस की माने तो योगर्ट दही से ज्यादा फायदेमंद और हल्का होता है। योगर्ट के दोनो बैक्टीरिया पेट में जिंदा जाते है जो कई तरह के रोगो से लड़ने के लिए उपयोगी होते है। 

कर्ड और योगर्ट में अंतर

कर्ड और योगर्ट दोनो ही बनाने में आसान है और दोनो को बनाने की प्रकिया लगभग में एक जैसी ही है। लेकिन कर्ड को आप देखते ही समझ सकते है क्योंकि दही एक थक्के के रूप में होता है और योगर्ट एक क्रीम का जैसा होता है। दही में वे-वॉटर होता है जो कि योगर्ट में नहीं होता है। कर्ड और योगर्ट के स्वाद में भी अंतर होता है दही खट्टा होता है और योगर्ट हल्का मीठा होता है। 

कर्ड में लैक्टोबैसिलस नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है जो पेट की पाचन क्रिया बढ़ाने में काफी उपयोगी होता है लेकिन एक्सपर्टस की माने तो उनका कहना है कि कई बार दही में मौजूद लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया जिंदा पेट तक नहीं पहुच पाते है वो पेट में पहुचने से पहले ही मर जाते है उनके मरने के कारण दही का पूरा पोषण नहीं मिल पाता। 

वही योगर्ट में लैक्टोबैसिलस बुल्गारिस और स्ट्रेप्टोकॉकस थर्मोफिलस दो प्रकार के बैक्टीरिया पाए जाते है जो पेट में लम्बे समय तक जिंदा रहते है और शरीर को ज्यादा फायदा पहुचाते है। 

एक्सपर्टस के अनुसार दही के मुताबिक योगर्ट ज्यादा फायदेमंद होता है। योगर्ड में कर्ड के मुकाबले ज्यादा प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है । जहां कर्ड में 3 से 4 ग्राम प्रोटीन होता है वही योगर्ट में 8 से 10 ग्राम प्रोटीन होता है। 

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