खस्ता कचौड़ियां – Khasta Kachodi Recipe – Kachori Recipe

कचौडियाँ (Khasta Kachori) उत्तर भारत में बनाया जाने वाला पसन्दीदा पकवान है. सुबह सुबह यहां दुकानों पर भी नास्ते के लिये गरमा गरम कचौड़िया तैयार हो जाती हैं. खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं. ये उरद की दाल भर कर के भी बनाई जाती हैं. दाल भर कर बनायी कचौड़ियों (Kachodi) को आप दो तीन दिन रख कर खा सकते हैं.
Read this recipe in English - Urad Dal Khasta Kachori Recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredietns for Khasta Kachori Recipe
आटा लगाने के लिये
- मैदा - 400 ग्राम
- रिफाइन्ड तेल - 100 ग्राम
- नमक - स्वादानुसार (आधा छोटी चम्मच से थोड़ा अधिक)
पिठ्ठी बनाने के लिये
- धुली उरद दाल — 70 ग्राम्
- हींग - 1-2 पिंच
- जीरा _ एक चौथाई छोटी चम्मच
- धनियाँ पाउडर _ एक छोटी चम्मच
- सोंफ पाउडर _ एक छोटी चम्मच
- गरम मसाला — आधा छोटी चम्मच
- हरी मिर्च — 2 बारीक कटी हुई
- अदरक — एक इंच लम्बा टुकडा़ बारीक कटा हुआ
- हरा धनियाँ — 2 टेबल स्पून, बारीक कटा हुआ
- नमक — स्वादानुसार (आधा छोटी चम्मच)
- तलने के लिये तेल
विधि - How to make Khasta Kachori
सबसे पहले दाल को 3-4 घंटे पहले पानी में भिगो दीजिये.
मैदा में तेल और नमक डाल कर मिला दीजिये, पानी की सहायता से मैदा को, परांठे के लिये गूंथे गये नरम आटे की तरह नरम गूंथ लीजिये, गुंथे हुये आटे को 20 मिनिट के लिये ढककर सैट होने के लिये रख दीजिये.
दाल की पिठ्ठी : भीगी हुई दाल को मिक्सी में मोटा मोटा पीस लीजिये. कढ़ाई में 2 -3 टेबल स्पून तेल डालिये जब तेल गरम हो जाय तो उसमें जीरा, हींग, धनियाँ पाउडर, सौंफ पाउडर, हरी मिर्च ओर अदरक डाल दीजिये, मसाले को भूनिये. मसाला को हल्का सा भुनने के बाद, पिसी हुई दाल डाल कर मसाले में मिलाइये ओर दाल को चमचे से चलाते हुये भूनिये, जब दाल ब्राउन हो जाय, तब हरा धनियाँ और गरम मसाला मिला कर 2 मिनिट और भून लीजिये. कचौड़ियों में भरने के लिये दाल की पिठ्ठी तैयार है.
कचौड़ियाँ तलने के लिये कढ़ाई में तेल डाल कर गैस पर रख दीजिये. गुंथे हुये मैदे के बराबर के 20 गोले बना लीजिये. एक गोले को चकले पर बेलन की सहायता से थोड़ा सा बेलें और उसमें एक छोटी चम्मच भर के दाल रख दीजिये. चारों ओर से आटा उठायें और दाल को बन्द कर दीजिये, दाल भरे गोले को हथेली से दबाकर चपटा करें और फिर बेलन की सहायता से कम ताकत लगाकर उसे 3-4 इंच के व्यास में बेल लीजिये, वह फटनी नहीं चाहिये, कचौड़ी थोड़ी मोटी ही रखनी है. बेली गई कचौड़ी गरम तेल में डालें और पलट पलट कर दोंनो ओर ब्राउन होने तक धीमी और मीडियम गैस पर कुरकुरी तलें, तली हुई कचौड़िया कढ़ाई से निकालिये और प्लेट मे नैपकिन के ऊपर रखिये. एक साथ तीन या चार कचौड़ियाँ एक बार में तली जा सकती हैं. सारी कचौड़ियाँ बनाकर तलकर तैयार कर लीजिये. (साथ के फोटो में पिठ्ठी भरी लोही, हाथ से दबायी लोही एवं बेली हुई लोही)
ये गोल गोल खस्ता कचौड़ियाँ हरे धनिये की चटनी और आलू मसाला सब्जी के साथ परोसिये और खाइये.
हरे धनिये की चटनी कैसे बनायें (Hara Dhaniya Chatni).
- हरा धनियाँ - 200 ग्राम
- हींग - 1-2 पिंच
- हरी मिर्च - 4
- कच्चे आम की खटाई कटी हई - 50 ग्राम (आधा कप), या एक बड़ा नीबू का रस
- नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच)
धनिये को साफ करके अच्छी तरह धो लीजिये और मोटा मोटा काट लीजिये , हरी मिर्च के डंठल तोड़ लीजिये, मिक्सी के जार में डालिये ,हरी मिर्च, हींग, खटाई या नीबू का रस मिला दीजिये और नमक डाल दीजिये. सभी को बारीक पीस लीजिये. काँच के प्याले में निकाल लीजिये. चटनी तैयार है.
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Comment(s): 55:
निशा: अंजलि, मैं लिखूंगी.
निशा: धन्यवाद कामना.
apka bahut bahut dhanyawad
निशा: अनु, इस आटे से करीब 20 कचरियां बन जाती हैं, आप गेहूं का आटा से कचोरियां बना सकती हैं.
निशा: धन्यवाद चारू, मुझे बहुत खुशी हुई आपने मेहनत करके अपने परिवारिजनों से तारीफ हासिल की है.
can we make manchurian without onion and garlic? i have seen many reciepies on the net but i am not confident how it will turn out.
do you have a reciepe for manchurian?
thanks so much!!!
crispy, mine are not very crisp, even though i fry on lowflame.please give me tips.
thanks
निशा: आटा में एक चथाई चम्मच खाना सोडा मिला लीजिये, कचरी ज्यादा करारी हो जायेंगी.
aaj aap ki kachori ki recipy mily hai jaroor bahnaoogy. thank for help
निशा: अर्चनाजी, धन्यवाद.
निशा: रेनू, आपने दाल थोड़ी ज्यादा देर तक भून दी है.
reciepies by you & the explanation are as my mother use to make those. Regards
निशा: प्रीती आप अगर इस तरह से कचरी बनाती हैं इन सामग्री के साथ तो वस इतना कीजिये कि कचरी को मीडियम और धीमी आग पर तलिये. कचरी खस्ता बनेंगी.
निशा: प्रीती, ये सारी चीजें बार बार बनाने से अपने आप ही होने लगती है.
maine ye try ki thi aj hi waise thodi khasta to bani kachori par jaise halwai ki hoti hai waisi to bilkul bhi nahi bani .... Meri Kachori Phooli bhi nahi jaise aap ki phooli hai...... Mam maine aapse request ki thi na ki article likhiye Poori, Parantha aur Roti banane par to plsss aap try kijiye likhne ke liye ....... Aur maine is recipe mein kya galti ki wo bhi mujhe bataiye jisse aage na karu.... Maine soda bhi dala tha..
निशा: निति, कचौरी के आटे में थोड़ा सा खाना सोडा डाल लीजिये और धीमी आग पर देर तक तलिये.
no need 2 take help 4rm ny one else.
thanx nisha
:)
निशा: गजल, धन्यवा. मुझे आशा है कि आप जीतेंगी.
maida gundte hua refined nahi dalna chahiye --moin ke liye.pls reply urgently as i will try on holi day
निशा: प्रीति, मोयन के लिये रिफाइन्ड डाला जा सकता है.
निशा: विनीता, आप सर्च बटन पर आलू मसाला सब्जी लिख कर, ये सब्जी देख सकती हैं.
निशा: आकाक्षा, कचौरी को मीडियम और धीमी आग पर, खस्ता होने तक तलिये, वे खस्ता बनेंगी.
निशा: साकेत कचौडी के लिये आटा रोटी जैसा नरम ही होना चाहिये
निशा: अनीता, कचौरी को धीमी आग पर खस्ता होने तक सेकिये, कचौरी सेकने में देर तो लगती है, लेकिन कचौरी खस्ता ही रहती है.
निशा: पारुल सोंफ एक मसाला है, सोंफ पाउडर किसी भी किराना स्टोर पर मिल जाता है, साबुत सोंफ को मिक्सी से पीस कर आप घर में भी सोंफ पाउडर बना सकती हैं.
निशा: देवेन्द्र, मूंग की दाल से भी कचौड़ी बनाई जा सकती हैं.
निशा: एकता, यह कचौडिया 3-4 दिन तक रखीं जा सकतीं है.
निशा: तान्या, पहले तो हम आटे को लगाकर 20 मिनिट के लिये रख देंगे, कचौड़ी भरेंगे और अब आग को कन्ट्रोल करेंगे, आग अधिक धीमी और अधिक तेज न हो, कचौड़ी अवश्य फूलेंगी.
निशा: अनीता , मोयन आटे का 1/4 डालते हैं, लेकिन कचौड़ियां अगर धीमी आग पर कुरकुरी होने तक तली जांय तो वे कुरकुरी रहेंगी.
निशा: इलाइची, कचौरियां कम सिकी हों तभी वह नरम हो जाती हैं, कचौरी को मीडियम गैस पर अच्छी ब्राउन होने तक तलिये, 1 बार आप 3-4 कचौरी तेल में डाल रही हैं उनको तलने में 6-8 मिनिट लग जायेंगे.
निशा: मोनिका अवश्य रख सकते हैं लेकिन भरी हुई कचौडियों को गीले कपड़े से ढक कर रख दीजिये.
निशा: प्रीती, उरद दाल की कचौड़िया ही खस्ता कचौड़ियां होती हैं, दाल को पानी सुखने तक अच्छी तरह भूनें और कचौड़ियों को धीमी आग पर खस्ता, ब्राउन होने तक तलें, ये कचौड़ियां 15 दिन तक रख कर खायी जा सकती हैं.